विदेश मंत्रालय ने कहा कि इंडोनेशिया संग रक्षा सहयोग पर बातचीत शुरुआती दौर में है। मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम सप्लाई को लेकर भी सकारात्मक बातचीत की उम्मीद जताई है। पीएम मोदी जल्द ही इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर जाने वाले हैं।
नई दिल्ली [भारत], 4 जुलाई (एएनआई): विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है और अतिरिक्त ब्रह्मोस मिसाइल आपूर्ति पर सवालों के बीच, बातचीत अभी तैयारी के चरण में है। मंत्रालय ने यह भी उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया के साथ चल रही बातचीत द्विपक्षीय परमाणु आपूर्ति समझौते को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा पर एक विशेष ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व), रुबेंद्र टंडन ने कहा कि इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पर बातचीत अभी भी तैयारी के चरण में है।
टंडन ने कहा, "रक्षा सहयोग इंडोनेशिया के साथ संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुझे नहीं लगता कि हमें इस समय इसके विवरण में जाने की जरूरत है, खासकर जब हम यहां से अभी रवाना भी नहीं हुए हैं और यह सब तैयारी के चरणों में है।"
ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम सप्लाई पर उम्मीद
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की आपूर्ति पर प्रगति की संभावना के सवाल पर, संयुक्त सचिव (ओशिनिया), विश्वेश नेगी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक द्विपक्षीय परमाणु आपूर्ति समझौता है, जिसे हाल के वर्षों में लागू नहीं किया गया है, लेकिन इस पर ठोस बातचीत चल रही है।
उन्होंने कहा, "जहां तक यूरेनियम की आपूर्ति का सवाल है, हम जानते हैं कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक द्विपक्षीय परमाणु आपूर्ति समझौता है। हालांकि, इसे पिछले कुछ वर्षों से लागू नहीं किया गया है। और हाल के समय में, दोनों पक्षों के बीच बहुत ठोस और भविष्य को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है। और मुझे लगता है कि इस बात की उम्मीद है कि चर्चा का एक तार्किक निष्कर्ष निकलेगा।"
ब्रह्मोस: भारत की बड़ी रक्षा निर्यात उम्मीद
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब ब्रह्मोस अपनी निर्यात सफलता और ऑपरेशनल तैनाती के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींच रहा है। यह मिसाइल भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के NPO Mashinostroyenia (NPOM) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है।
ब्रह्मोस भारत की सबसे महत्वपूर्ण रक्षा निर्यात संभावनाओं में से एक है, क्योंकि नई दिल्ली 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को मजबूत करते हुए वैश्विक हथियार बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आगामी तीन देशों की यात्रा के हिस्से के रूप में 8-9 जुलाई को इंडोनेशिया, 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे।
इंडोनेशिया यात्रा में द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन प्रक्रिया में भाग लेंगे। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड का दौरा कर, पीएम मोदी चालीस वर्षों में देश का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे। (एएनआई)
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