चिली के बंदरगाह शाह वालपारैसो के एक जंगल में लगी आग के दो पहाड़ियों पर बसे मकानों में फैल जाने से क्रिसमस के मौके पर दर्जनों परिवार बेघर हो गए

वालपारैसो: चिली के बंदरगाह शाह वालपारैसो के एक जंगल में लगी आग के दो पहाड़ियों पर बसे मकानों में फैल जाने से क्रिसमस के मौके पर दर्जनों परिवार बेघर हो गए। वालपारैसो में मंगलवार को लगी आग रोकुयांट और सैन रोके पहाड़ियों पर फैल गई जिस पर बुधवार तक काबू नहीं पाया जा सका। इसके कारण करीब 200 मकानों को क्षति पहुंची।

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हालांकि इस दौरान किसी की मौत नहीं हुई लेकिन 12 दमकल कर्मी झुलस गए। गृह मंत्री गोंजालो ब्लुमेल ने बताया कि ''आग पर नियंत्रण पाने की दिशा में काफी प्रगति हुई है'' लेकिन इस पर अभी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।

सेंटियागो में राष्ट्रीय आपात कार्यालय ने बताया कि प्राधिकारियों ने अभी इस बात का आकलन नहीं किया है कि आग के कारण मकानों को कितना नुकसान पहुंचा है। रोकुयांट पहाड़ी पर रहने वाले फैबियन ओल्गुइन ने कहा, ''जब आग लगी तब हम पार्टी की तैयारी कर रहे थे। यह सब इतना जल्दी हुआ कि हम कोई भी सामान बाहर नहीं निकाल पाए।''

ब्लुमेल ने कहा, ''इस बात के संकेत मिले है कि यह आग संभवत: जानूबझकर लगाई गई।'' आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)