राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अमेरिका से एक बार फिर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि संस्थाओं पर कब्जा है। विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है। 

वाशिंगटन। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अमेरिका की यात्रा पर हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) में उन्होंने भाषण दिया है। इस दौरान संसद से अपनी अयोग्यता पर राहुल ने बात की। उन्होंने कहा कि मुझे मानहानि मामले में सजा देकर संसद से निकाला गया।

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भारत में संघर्ष कर रहा विपक्ष

संसद से अपनी अयोग्यता पर राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं 2004 में राजनीति में आया तब कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। शायद मैं पहला आदमी हूं जिसे मानहानि मामले में अधिकतम सजा मिली है। ये राजनीति बिल्कुल अलग है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति इस स्तर तक गिर जाएगी। मुझे लगता है कि इन सब चीजों से मुझे बेहतर काम करने का अवसर मिला है।” 

राहुल गांधी बोले-6 महीने पहले शुरू हुआ था ड्रामा
राहुल गांधी ने कहा, " मुझे लगता है कि ड्रामा करीब 6 महीने पहले शुरू हुआ था। हम संघर्ष कर रहे हैं। भारत में पूरा विपक्ष संघर्ष कर रहा है। हम पैसे के विशाल प्रभुत्व और संस्थागत कब्जा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। हम अपने देश में लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसी लिए भारत जोड़ो यात्रा निकालने का फैसला किया।"

भारतीय छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं बहुत स्पष्ट हूं। हमारी लड़ाई, हमारी लड़ाई है, लेकिन यहां भारत के युवा छात्र हैं। मैं इनसे बात करना चाहता हूं, इनसे रिश्ता जोड़ना चाहता हूं। ऐसा करना मेरा अधिकार है। हम अपने संविधान और लोगों की आजादी के लिए लड़ रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मुझे बोला गया कि कश्मीर में आप चलेंगे तो हमला हो सकता है। मैं कहा ठीक है। मैं देखना चाहता हूं कि कौन मुझपर ग्रेनड फेंकना चाहता है।” 

कठिन होने जा रहे हैं भारत-चीन संबंध

राहुल गांधी ने कहा है कि भारत को चीन के दबाव में नहीं लाया जा सकता। आने वाले दिनों में भारत-चीन संबंध आसान नहीं कठिन होने वाले हैं। यह पूछे जाने पर कि अगले 5-10 साल में भारत-चीन संबंध को किस तरह विकसित होते हुए देखते हैं? राहुल गांधी ने कहा, "यह वर्तमान में कठिन है। उन्होंने हमारी जमीन पर कब्जा किया है। इसलिए संबंध कठिन होंगे। भारत को पीछे नहीं धकेला जा सकता। ऐसा नहीं होने जा रहा है।

रूस के साथ संबंध मामले में हैं केंद्र के साथ

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपनी बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में रूस के साथ अपने संबंध रखने की नई दिल्ली की नीति का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "रूस के साथ हमारे संबंध हैं, हम कई मामलों में रूस पर निर्भर हैं। इसलिए इसपर मेरा वही स्टैंड है जो भारत सरकार का है।"