जापान (Japan) में सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहे शिंजो अबे (Shinzo Abe) को जब गोली लगी तो पास के ही एक डाक्टर मौके पर सबसे पहले पहुंचे थे। उन्होंने जो देखा वह खौफनाक था। डॉक्टर ने बताया कि वे किसी भी तरह से उन्हें बचाना चाहते थे।

टोक्यो. बीते 8 जुलाई को जब जापान (Japan) के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो अबे (Shinzo Abe) को गोली मारी गई, तो पास के क्लीनिक के 64 वर्षीय डॉक्टर सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि गोली लगने की वजह से शिंजो अबे का चेहरा, गर्दन तक खून से लथपथ हो गया था। डॉक्टर ने उस वक्त के हालात बताते हुए कहा कि जब हमने शिंजो अबे को देखा तो पहला ख्याल यही आया कि शिंजो को बचाने की कोई भी कोशिश असंभव होने वाली है। लेकिन वे हर हाल में लोकप्रिय नेता को बचाने में जुट गए।

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क्या हुआ था उस दिन
डॉक्टर ने उस दिन का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने देखा शिंजो अबे का चेहरा पूरी तरह से पीला पड़ गया था। हमने उनके हर्ट को दबाने की कोशिश की लेकिन शरीर कोई रिस्पांस नहीं कर रहा था। उनका शरीर बिल्कुल भी नहीं हिल रहा था। चेहरा इतना पीला पड़ गया था कि हम समझ गए कि वे गंभीर संकट में हैं। डाक्टर ने बताया कि हम क्लीनिक में थे, तभी गोली की आवाज सुनकर कोई जोर से चिल्लाया कि यहां आइए आपकी जरूरत है। डॉक्टर ने कहा कि आवाज सुनकर हम तीन नर्सों के साथ तेजी से सीढ़ियां क्रास करके वहां पहुंचे। वहां आबे के साथ वालों में से किसी ने तुरंत उन्हें स्वाचालित डिफिब्रिलेटर दिया, जो चालू नहीं हो सका। 

नहीं पड़ा कोई असर
डॉक्टर ने बताया कि जब हम वहां पहुंचे तो और वह डिफिब्रिलेटर मशीन चालू नहीं हुई। फिर एक नर्स दूसरी मशीन लेने के लिए वापस क्लीनिक की ओर भागी। तब हमने देखा कि उनका दिल सामान्य रुप से नहीं धड़क रहा है। हमने हर्ट को पंप करने की कोशिश भी की लेकिन असर नहीं पड़। माना जाता है कि गोली लगने के कुछ देर बाद ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी हो गया। उनका इतना अधिक खून बह गया था कि बचना मुश्किल दिखने लगा। डॉक्टर ने बताया कि उनकी पार्टी के अन्य सदस्य, जो उनसे पहले मंच पर भाषण दे रहे थे, वे बिलकुल गुपचुप से हो गए थे।

देर से पहुंची एंबुलेंस
स्थानीय फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि अबे के साथ हुई घटना के करीब 11 मिनट बाद 11 बजकर 41 मिनट पर एंबुलेंस वहां पहुंची थी। यह बहुत लंबा समय था। माना जा रहा है कि उनका खून रोकने के लिए तुरंत किसी पास के प्रमुख हास्पिटल ले जाने की जरूरत थी। आबे को 12 बजकर 20 मिनट पर वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर हेलीकाप्टर से मेडिकल यूनिवर्सिटी हास्पिटल पहुंचाया गया। डॉक्टर ने बताया कि जब मैं उस टाइम के बारे में सोचता हूं तो लगता है कि मेरा शरीर कैसे काम कर रहा था। मुझे याद है कि हम किसी चमत्कार की आशा कर रहे थे ताकि किसी भी तरह से उन्हें बचाया जा सके। आखिर सबसे ज्यादा समय तक जापान के प्रधानमंत्री रहे शिंजो अबे शाम 5 बजकर 3 मिनट पर मृत घोषित कर दिए गए।

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