डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण फैसला खिलाड़ियों पर लगाए गए प्रतिबंध से जुड़ा है।

डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं। इस पद की शपथ लेते ही उन्होंने कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। अब ट्रंप ने महिला खेलों में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक लगाते हुए एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम महिला एथलीटों की गौरवशाली परंपरा की रक्षा करेंगे और हम पुरुषों को हमारी महिलाओं और हमारी लड़कियों को घायल करने और धोखा देने की अनुमति नहीं देंगे। अब महिलाओं के खेल सिर्फ महिला के लिए ही होंगे। 

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महिला वर्ग में ट्रांसजेंडर की एंट्री पर बैन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में वापसी के साथ ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर कड़ा रुख अपनाएंगे। अपने वादे को पूरा करते हुए, उन्होंने महिला खेलों में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगाने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश जारी किया। इस आदेश पर साइन करने के बाद ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, "अब महिला खेलों में किसी भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ी को अनुमति नहीं दी जाएगी। इस विषय पर चली आ रही खींचतान अब पूरी तरह समाप्त हो गई है।" व्हाइट हाउस में आयोजित इस विशेष समारोह में दर्जनों महिला एथलीट्स और बच्चे मौजूद थे। इसी अवसर पर ट्रंप ने जोर देकर कहा, "हम महिला एथलीटों की गौरवशाली परंपरा की रक्षा करेंगे। 

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कैटलीन जेनर 2022 में नेशनल चैंपियनशिप जीतकर रचा था इतिहास 

ट्रांसजेंडर एथलीटों ने वर्षों से अमेरिकी खेल जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लिया थॉमस, निकी हिल्ट्ज और कैटलीन जेनर जैसे एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर अमेरिका के लिए मेडल जीते हैं। कैटलीन जेनर, जो पहले ब्रूस जेनर के नाम से जानी जाती थीं, 1976 के ओलंपिक डेकाथलॉन में गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों में शामिल हुई थीं। वहीं, लिया थॉमस ने 2022 में नेशनल चैंपियनशिप जीतकर तैराकी में नया इतिहास रचा था। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए फैसले के बाद, ट्रांसजेंडर एथलीटों का महिला खेलों में हिस्सा लेना प्रतिबंधित हो गया है।