पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, भारत द्वारा बदला लेने की आशंका के चलते, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हफीज सईद को लाहौर के एक सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया है।

नई दिल्ली: बाइसरन घाटी के हरे-भरे मैदानों में 26 पर्यटकों की हत्या के पीछे लश्कर-ए-तैयबा सरगना हफीज सईद और पाकिस्तानी सेना का हाथ होने की बात भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पहले ही साफ हो चुकी है। गृह मंत्रालय को NIA की रिपोर्ट के मुताबिक, पहलगाम हमले से 4 महीने पहले ही हफीज सईद ने अपना अड्डा बदल लिया था। जांच एजेंसी ने गृह मंत्रालय को दी अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि पाकिस्तान ने उसे एक नए ठिकाने पर भेज दिया था।

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अब खबर है कि भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए गुप्त ऑपरेशन की आशंका के चलते, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हफीज सईद को लाहौर में एक सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सईद को लाहौर के बेहद सुरक्षित मियां मीर छावनी इलाके में रखा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलगाम हमले से चार महीने पहले ही सईद को उसके नए सुरक्षित घर में स्थानांतरित कर दिया गया था। पहलगाम हमला, 2019 के पुलवामा हमले के बाद देश में हुआ सबसे भयानक आतंकी हमला है।

22 अप्रैल के आतंकी हमले की दुनिया भर के नेताओं ने निंदा की थी, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री शामिल थे। लश्कर-ए-तैयबा के एक संगठन, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने 22 अप्रैल के आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि पाकिस्तान ने हफीज सईद की सुरक्षा चार गुना बढ़ा दी है। पाकिस्तानी सेना द्वारा 24*7 सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी, पाकिस्तानी सेना, ISI और लश्कर के कार्यकर्ता मिलकर उसकी सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं। उसके घर के चारों ओर ड्रोन से निगरानी की जा रही है और 4 किलोमीटर के दायरे में हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं।

हफीज सईद के घर के पास किसी भी आम नागरिक की आवाजाही की इजाजत नहीं है और इस इलाके में दूसरे ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी है। पहलगाम हमले के कुछ समय बाद ही यह हाई-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किया गया है। बता दें कि पाकिस्तान जिस हफीज सईद की इतनी हिफाजत कर रहा है, उसे संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है। अमेरिका ने उसके सिर पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम भी रखा है। इसके बावजूद सईद पाकिस्तान में खुलेआम घूमता फिरता है। इससे आतंकवाद को पालने-पोसने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा सामने आ गया है। 77 साल के हफीज सईद को भारत और अमेरिका की जांच एजेंसियां ढूंढ रही हैं।