अल्युमीनियम के डिब्बे में मिले 598 सोने के सिक्कों का वज़न 3.7 किलोग्राम और कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। साथ ही 10 सोने की चूड़ियाँ, सिगरेट के पैकेट और एक कंघी भी मिली।

किस्मत कब, कहाँ और कैसे चमक जाए, कह नहीं सकते। कुछ ऐसा ही हुआ चेक रिपब्लिक के दो यात्रियों के साथ। चेक रिपब्लिक के उत्तरी हिस्से में स्थित क्रकोनोश पहाड़ियों में लंबी पैदल यात्रा पर निकले थे ये दोनों। चलते-चलते, हरियाली से भरे इलाके में एक पत्थर के नीचे कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया। झाड़ियों को हटाया तो वहाँ एक अल्युमीनियम का डिब्बा था। डिब्बा खोला तो दोनों दंग रह गए। अंदर था ख़ज़ाना।

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CNN की रिपोर्ट के अनुसार, नाम न बताने की शर्त पर इन यात्रियों को जो मिला वो अनमोल था। उस अल्युमीनियम के डिब्बे में 598 सोने के सिक्के, 10 सोने की चूड़ियाँ, 17 सीलबंद सिगार के डिब्बे, कॉम्पैक्ट का पाउडर और एक कंघी थी। सोने के सिक्कों का वज़न ही 3.7 किलोग्राम था और कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये। लेकिन उन 17 सीलबंद सिगार के डिब्बों का रहस्य अभी भी बना हुआ है। आखिर सोने के साथ सिगार क्यों रखे गए थे?

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यात्रियों ने ये ख़ज़ाना ह्रादेक क्रालोवे के ईस्ट बोहेमिया म्यूजियम को सौंप दिया। म्यूजियम के पुरातत्व विभाग के प्रमुख मिरोस्लाव नोवाक और उनकी टीम के अनुसार, इस ख़ज़ाने की उम्र लगभग 100 साल है। सिक्के कम से कम 1921 के हैं। नोवाक का मानना है कि ये ख़ज़ाना दूसरे विश्व युद्ध से पहले या 1945 के आसपास छुपाया गया होगा। ख़ास बात ये है कि ये सिक्के चेक रिपब्लिक के नहीं हैं। आधे बाल्कन क्षेत्र से हैं और बाकी फ्रांस से। 1920 और 1930 के दशक के कुछ सिक्कों पर पूर्व यूगोस्लाविया के निशान थे। चेक कानून के मुताबिक, इस तरह मिला ख़ज़ाना आधिकारिक तौर पर स्थानीय सरकार की संपत्ति होती है, लेकिन ख़ज़ाना ढूंढने वालों को उसकी कीमत के हिसाब से इनाम दिया जाता है।