यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिससे 41 रूसी सैन्य विमान नष्ट हो गए। 'स्पाइडर वेब' नाम के इस ऑपरेशन से रूस को कथित तौर पर 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।

Ukraine drone attacks: यूक्रेन ने रविवार को रूस पर अब तक का सबसे भीषण ड्रोन अटैक कर दुनिया को चौका दिया। इसके लिए यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने बेहद सफाई से रणनीति बनाई और उसे अंजाम दिया। इस ऑपरेशन को "स्पाइडर वेब" नाम दिया गया था।

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रूस के अंदरुनी इलाकों में स्थित एयर बेस को निशाना बनाने के लिए यूक्रेन तस्करी कर ड्रोन ले गया। इस पूरे ऑपरेशन को रूसी खुफिया एजेंसी के मुख्यालय के ठीक बगल में स्थित ऑफिस से अंजाम दिया गया। यूक्रेन के साथ लड़ाई में पहली बार हुआ जब रूस के 41 सामरिक सैन्य विमान तबाह कर दिए गए।

पहली बार रूस ने आधिकारिक तौर पर हमले को स्वीकार किया। बताया कि मरमंस्क क्षेत्र में ओलेनोगोर्स्क एयर फिल्ड और साइबेरिया के इरकुत्स्क में सेरडनी एयर फिल्ड पर ट्रेलर ट्रकों को लॉन्च प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल करते हुए निकटवर्ती स्थानों से ड्रोन अटैक किया गया था।

ड्रोन हमले में रूस के 41 सैन्य विमान तबाह

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार ड्रोन हमले में रूस के 41 सैन्य विमान तबाह हुए हैं। इनमें A-50 रडार विमान, Tu-95 और Tu-22M बॉम्बर शामिल हैं। इन बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल यूक्रेन पर मिसाइल अटैक करने में किया जा रहा था। ये विमान परमाणु हमला कर सकते हैं।

यूक्रेन की सुरक्षा सेवा ने दावा किया कि रूस के बॉम्बर बेड़े का 34% हिस्सा नष्ट हो गया है। इससे रूस को 7 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इस आंकड़े कि स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

यूक्रेन ने किस तरह किया रूस पर ड्रोन अटैक

18 महीने 9 दिन की प्लानिंग: यूक्रेन ने 18 महीने 9 दिन की प्लानिंग और उसे ठीक तरह लागू कर यह सफलता पाई है। इसकी निगरानी व्यक्तिगत रूप से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने की थी।

रूसी खुफिया मुख्यालय के बगल में स्थित ऑफिस से हुआ हमला: यूक्रेन ने मिशन संभालने के लिए रूस में रूसी खुफिया मुख्यालय के बगल में एक ऑफिस चलाया। यहीं से पूरी तैयारी की गई और हमला किया गया। रूसी खुफिया एजेंसी FSB को इसकी भनक तक नहीं लगी।

तस्करी कर ले गए ड्रोन, छतों के नीचे छिपाया

हमले में इस्तेमाल हुए ड्रोन रूस में तस्करी करके लाए गए थे। ड्रोन को छतों और ट्रकों के नीचे छिपाया गया। ये ड्रोन टारगेट एयर बेस के पास पार्क किए गए कंटेनर ट्रक में रखे गए थे। कंटेनर को दूर से ही खोला गया। इससे ड्रोन सीधे आसमान की ओर उड़े और रूसी बमवर्षकों पर हमला किया।

ड्रोन यूक्रेन की जमीन से लॉन्च नहीं किए गए थे। वे टारगेट एयर बेस के बेहद करीब से उड़े। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में ड्रोन को कंटेनरों के भीतर से लॉन्च होते दिखाया गया है।