I2U2 देशों की एक उप-मंत्री स्तर की बैठक में प्राइवेट सेक्टर के हितधारकों(stakeholders) के साथ एनर्जी क्राइसिस और खाद्य असुरक्षा से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए इनवेस्टमेंट के अवसरों पर चर्चा की गई।

वाशिंगटन(Washington). I2U2 देशों-इजरायल, भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका(USA) और संयुक्त अरब अमीरात(UAE) की एक उप-मंत्री स्तर की बैठक(vice-ministerial level meeting) में प्राइवेट सेक्टर के हितधारकों(stakeholders) के साथ एनर्जी क्राइसिस और खाद्य असुरक्षा से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए इनवेस्टमेंट के अवसरों पर चर्चा की गई।

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जानिए पूरी डिटेल्स

यूएई ने अबू धाबी में I2U2 की पहली उप-मंत्रालयी बैठक की मेजबानी की, जिसमें निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ चार देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। स्टेट डिपार्टमेंट ने यहां एक बयान में कहा कि बुधवार(22 फरवरी) को बिजनेस फोरम के दौरान, I2U2 नेतृत्व ने ऊर्जा संकट और खाद्य असुरक्षा के मैनेजमेंट सहित क्षेत्र के कुछ सबसे दबाव वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए मल्टी-रीजनल कॉर्पोरेशन और इन्वेस्टमेंट के अवसरों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

बयान में कहा गया कि"सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि पूरे क्षेत्र में समृद्धि को सर्वोत्तम तरीके से बढ़ावा देने के तरीके पर रणनीति बनाने के लिए एकत्र हुए। सामूहिक चुनौतियों(collective challenges) पर काबू पाने और I2U2 के साथ समन्वय को गहरा(deepen coordination) करने की हमारी प्रतिबद्धता प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता और लचीलापन में सुधार के लिए निवेश और पहल का समर्थन करने के लिए एक क्षेत्रीय मॉडल के रूप में काम करना जारी रखती है।"

यूएई के राज्य मंत्री अहमद बिन अली अल सईघ द्वारा अबू धाबी में आयोजित इस फोरम में इजरायल के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल रोनेन लेवी और भारत के इकोनॉमिक रिलेशंस सेक्रेट्री दम्मू रवि ने भाग लिया। जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आर्थिक विकास, ऊर्जा और पर्यावरण राज्य के अंडर सेक्रेट्री जोस डब्ल्यू फर्नांडीज ने किया था।

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I2U2 के जरिये संयुक्त राज्य अमेरिका और भागीदार देश फूड और वाटर सिक्योरिटी के अलावा एनर्जी, स्पेस, ट्रांसपोर्टेशन, हेल्थ और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग से ठोस परिणाम प्राप्त करना जारी रखते हैं। इनमें क्लीन टेक्नोलॉजी और डीकार्बोनाइजेशन इंडस्ट्री के लिए समर्थन शामिल है। यहां I2U2 में भारत के शामिल होने को इसका एक बेहतर उदाहरण बताया गया। कहा गया कि ग्रीकल्चर इनोवेशन मिशन फॉर क्लाइमेट (AIM4C) पहल, जो 43 सरकारों और 275 से अधिक कुल भागीदारों की साझेदारी को बढ़ाती है, जो सामूहिक रूप से AIM4C के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।

I2U2 चार देशों-भारत, इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा गठित एक नया समूह है। इसे ‘आर्थिक सहयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंच’ (International Forum for Economic Cooperation) का नाम दिया गया है।

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