अमेरिका नें 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव है। हालांकि, कोरोना वायरस और अर्थव्यवस्था में संकट के चलते डोनाल्ड ट्रम्प के लिए राह आसान नहीं दिख रही। लेकिन माना जा रहा है कि ट्रम्प के लिए इस बार भारतवंशी समुदाय वरदान साबित हो सकता है।

वॉशिंगटन. अमेरिका नें 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव है। हालांकि, कोरोना वायरस और अर्थव्यवस्था में संकट के चलते डोनाल्ड ट्रम्प के लिए राह आसान नहीं दिख रही। लेकिन माना जा रहा है कि ट्रम्प के लिए इस बार भारतवंशी समुदाय वरदान साबित हो सकता है। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में भारतवंशी समुदाय बड़ा फेरबदल कर सकता है। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का मुकाबला इस बार डेमोक्रेट के जो बिडेन से है। राष्ट्रपति चुनाव को सिर्फ 100 दिन बचे हैं। लेकिन कोरोना, अर्थव्यवस्था और अश्वेत के मुद्दे पर ट्रम्प निशाने पर हैं। 

पिछली बार डेमोक्रेटिक के पक्ष में था भारतवंशी समुदाय
अमेरिका के शीर्ष डेमोक्रेटिक नेता थॉमस पेरेज ने एक कार्यक्रम में कहा, 2016 के चुनाव में 77% भारतवंशी समुदाय उनकी पार्टी के पक्ष में था। लेकिन मौजूदा समय में डेमोक्रेटिक की पकड़ कम हुई है। हाल ही में एक सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि हिलेरी की तुलना में बिडेन के पक्ष में भारतवंशी समुदाय कम है। 

भारतवंशी समुदाय कर सकता है बड़ा फेरबदल
थॉमस पेरेज ने कहा, कई प्रांतों में भारतवंशी समुदाय बड़ा फेरबदल कर सकता है। उन्होंने कहा, अगर हम समुदाय के वोटरों को अपने पक्ष में करने में कामयाब हुए तो बाजी पलट सकती है।

अमेरिका के 8 राज्यों में 13 लाख भारतवंशी वोटर
अमेरिका में एशियन-अमेरिकन और पैसिफिक आईलैंडर के अध्यक्ष शेखर नरसिम्हा ने बताया, अमेरिका में 8 राज्यों में 13 लाख इंडियन अमेरिकन वोटर हैं। डेटा गुरु कार्तिक रामकृष्णन की रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका के टेक्सास में 475,000, फ्लोरिडा में 193,000, पेन्सिलवेनिया में 156,000, जॉर्जिया में 150,000, नार्थ कैरोलिना में 111,000, मिशिगन में 125,000, विस्कॉन्सिन में 37,000 भारतवंशी वोटर हैं।