इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। रूसी सेना द्वारा यूक्रेन में किए गए युद्ध अपराधों के लिए उन्हें जिम्मेदार बताया गया है। रूस ने कहा है कि ICC के वारंट का कोई मतलब नहीं है। 

Russia Ukraine war. रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने के चलते इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन्हें यूक्रेन में हो रहे युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार बताया गया है। रूस ने कहा है कि ICC द्वारा जारी किए गए वारंट कानूनी रूप से शून्य हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की ने पुतिन के खिलाफ जारी वारंट पर कहा कि यह तो सिर्फ एक शुरुआत है।

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रूस ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन में आत्याचार किए हैं। रूस ने यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर उसे अपने साथ मिला लिया है। ICC ने बच्चों और लोगों को यूक्रेन के क्षेत्र से गैरकानूनी रूप से रूसी संघ में निर्वासित करने के लिए पुतिन को गिरफ्तार करने का आह्वान किया है। ICC ने रूस की बाल अधिकार आयुक्त मारिया लावोवा-बेलोवा के लिए भी वारंट जारी किया है। ICC के अभियोजक करीम खान ने एक साल पहले यूक्रेन में संभावित युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार की जांच शुरू की थी।

रूस के लिए बाध्यकारी नहीं हैं ICC के आदेश
ICC कोर्ट द्वारा भले राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें सच में गिरफ्तार किया जाए। ICC के आदेश रूस के लिए बाध्यकारी नहीं है। ICC के पास अपनी पुलिस नहीं है जो वारंट लागू कर सके।

रूस ने कहा- वारंट का नहीं कोई मतलब
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि रूस ICC के रोम संविधि का सदस्य नहीं है। रूस पर इसके तहत कोई दायित्व नहीं है। रूस इस निकाय के साथ सहयोग नहीं करता है। ICC द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट हमारे लिए कानूनी रूप से शून्य हैं।

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ICC के अध्यक्ष पिओट्र हॉफमंस्की ने एक वीडियो बयान में कहा कि आईसीसी के जजों ने वारंट जारी किए हैं, लेकिन उन्हें लागू करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निर्भर करेगा। आईसीसी कानून की अदालत के रूप में अपना काम कर रही है। जजों ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसका पालन अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करता है।

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