अफ्रीकी मूल का हाथी क्रेग, अब इस दुनिया में नहीं रहा। उसकी मौत उम्र से जुड़ी वजहों से हुई। इस हाथी के दोनों दांत 45-45 किलो के थे और एक दांत तो इतना लंबा था कि जमीन को छूता था। अपने लंबे दांतों और शाही अंदाज की वजह से यह काफी मशहूर था।

नैरोबी: दुनिया भर में हाथियों की आबादी को बचाने की कोशिशों को प्रेरणा देने वाले अफ्रीकी हाथी क्रेग की उम्र संबंधी कारणों से मौत हो गई है। इस हाथी के दोनों दांत 45-45 किलो के थे और एक दांत तो इतना लंबा था कि जमीन को छूता था। अपने लंबे दांतों और शाही अंदाज की वजह से क्रेग ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

1972 में हुआ था क्रेग का जन्म

1972 में जन्मे क्रेग, केन्या के अंबोसेली नेशनल पार्क में रहते थे और वहां के मुख्य आकर्षणों में से एक थे। केन्या के इस मशहूर हाथी को एक जानी-मानी बीयर बनाने वाली कंपनी ने अपने लोकप्रिय टस्कर ब्रांड का एंबेसडर भी बनाया था।

'सुपर टस्कर' प्रजाति के सिर्फ 84 हाथी ही बचे हैं

एक अनुमान के मुताबिक, पूरे अफ्रीका में 'सुपर टस्कर' प्रजाति के सिर्फ 84 हाथी ही बचे हैं। क्रेग की मौत के बाद अब अंबोसेली में ऐसे सिर्फ 9 हाथी रह गए हैं।