Maduro vs Trump: वेनेजुएला के साथ कितने देश, अमेरिका के पक्ष में कौन-कौन
Venezuela vs USA: अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करने के बाद पूरी दुनिया दो धड़ों में बंट चुकी है। एक तरफ वो देश हैं जो वेनेजुएला के साथ हैं, तो दूसरी ओर वो जो अमेरिका के पक्ष में खड़े हैं। ग्लोबल पॉलिटिक्स में आखिर कौन किसके साथ?

1- रूस
रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की गई है। रूस ने साफ कहा है कि अमेरिका को इस मसले को कूटनीतिक रास्तों और बातचीत के जरिये सुलझाना चाहिए।
2- चीन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफतौर पर अमेरिका के तानाशाही रुख की आलोचना की है। चीन का कहना है कि वेनेजुएला पर अटैक कर अमेरिका ने खुलेआम इंटरनेशनल लॉ और यूएन चार्टर का उल्लंघन किया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हिरासत में लेना उसकी संप्रभुता पर सीधा हमला है।
3- ईरान
ईरान ने भी वेनेजुएला का समर्थन करते हुए अमेरिकी हमले की निंदा की है। ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता के साथ खिलावाड़ एक अपराध है। अमेरिका का मिलिट्री एक्शन ग्लोबल रूल्स के खिलाफ है और यह बात पूरे इलाके की शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
4- ब्राजील
ब्राजील ने भी वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को गलत बताया है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुल्ला डि सिल्वा ने कहा, किसी भी देश के राष्ट्रपति को हिरासत में लेना एक तरह से रेडलाइन क्रॉस करने जैसा है। इससे वेनेजुएला का अपमान तो हुआ ही है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक गलत मैसेज भी गया है।
5- अमेरिका के मिलिट्री एक्शन का सपोर्ट करने वाले देश
वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन के पक्ष में भी कई देश हैं। इनमें अर्जेंटीना, इक्वाडोर और इटली शामिल हैं। अर्जेंटीना और इक्वाडोर ने कहा, अपराधियों की सत्ता बहुत दिनों तक सुरक्षित नहीं रह सकती। वहीं, इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने कहा, हमने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की जीत को कभी मान्यता नहीं दी।
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