Mark Carney ने प्रधानमंत्री बनते ही Donald Trump पर सीधा हमला बोला। बोले-Canada-USA की पुरानी साझेदारी अब खत्म। जानिए क्यों Carney ने कहा - America पर अब निर्भर नहीं रहेगा कनाडा।

Mark Carney Victory Speech: कनाडा चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री बने मार्क कार्नी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। ट्रंप को जवाब देते हुए कार्नी ने ऐलान किया कि कनाडा, अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को खत्म कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब कनाडा आत्मनिर्भर बनने की राह पर चलेगा, वह किसी पर भी निर्भर नहीं रहेगा।

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पीएम बनने के बाद मार्क कार्नी (Mark Carney) ने अपनी विक्ट्री स्पीच दे रहे थे। लिबरल पार्टी (Liberal Party) को अप्रत्याशित जीत दिलाने के बाद मार्क कार्नी ने ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा कि अब अमेरिका-कनाडा (Canada-US Relations) के बीच पुराने संबंधों का युग खत्म हो चुका है। अब कनाडा अमेरिका पर अपनी आर्थिक और राजनीतिक निर्भरता को समाप्त करेगा और ‘नए विकल्पों’ की तलाश करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा अमेरिका से वह पुराना रिश्ता अब नहीं रहा जिसने हमें दशकों तक समृद्ध किया था। अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। उनकी इस घोषणा पर समर्थकों ने जमकर तालियां बजाईं और ‘फ्री कनाडा’ के नारे लगाए।

ट्रंप की मंशा थी कनाडा को 51वां राज्य बनाना

दरअसल, अमेरिका में 47वें राष्ट्रपति पद की कमान संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर हमलावर होते हुए उसे यूएस में मिलाने का ऑफर दिया। ट्रंप ने अपने विवादित बयान में कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही थी। यही नहीं ट्रंप ने कई मौकों पर कैनेडियन पीएम को गवर्नर कहकर संबोधित कर चुके हैं। उनके इस रवैया से कनाडा हमेशा नाराजगी जताता रहा और इसे देश की संप्रभुता को गहरा धक्का पहुंचने वाला बता चुका।

कनाडा नो भेजा अमेरिकी राज्यों को खरीदने का प्रपोजल

हालांकि, पहले तो ओटावा ने इसे मजाक में लिया लेकिन जब ट्रंप ने बार-बार इस विचार को दोहराया तो कनाडा ने भी करारा जवाब दिया और एक ‘रिवर्स प्रपोज़ल’ भेजा — अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया, ओरेगन, वॉशिंगटन और मिनेसोटा को ‘खरीदने’ का प्रस्ताव था।

अमेरिकी प्रतिबंधों पर कनाडा का जवाब

ट्रंप ने इसके बाद कनाडा पर हैवी टैक्स और टैरिफ थोप दिए जिससे वहां की अर्थव्यवस्था को झटका लगा। व्यापार पर निर्भर कनाडाई नागरिकों पर दबाव बढ़ा लेकिन चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया कि अब जनता झुकने के मूड में नहीं है।

अब अमेरिका नहीं, कनाडा खुद का भविष्य लिखेगा

अपने भाषण में पीएम कार्नी ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध हो या शीत युद्ध, हर दौर में कनाडा ने दुनिया के लिए उम्मीद की किरण दिखाई। और आज फिर हम ऐसे ही मोड़ पर खड़े हैं, जहां हमें खुद के लिए, एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में, आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हमें धोखा दिया है लेकिन हम इससे उबर चुके हैं। अब हमें खुद का ख्याल रखना है और एक-दूसरे का भी। हम अब केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे जब ट्रंप से मिलेंगे तो यह बैठक दो ‘स्वतंत्र राष्ट्रों’ के बीच बराबरी के आधार पर होगी।

हरवर्ड और ऑक्सफोर्ड से पढ़े प्रधानमंत्री का ट्रंप को संदेश

कार्नी खुद अर्थशास्त्र में PhD हैं। वे हार्वर्ड-ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थानों से पढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अब कनाडा के पास कई वैश्विक विकल्प हैं। “हमारा समृद्ध भविष्य अब सिर्फ अमेरिका पर नहीं, हमारी अपनी नीतियों और साझेदारियों पर निर्भर करेगा।