न्यूयार्क की एक कोर्ट ने हत्या की नाकाम कोशिश की साजिश रचने वाले भारतीय आरोपी के खिलाफ सबूत की मांग की है। आरोप है कि आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून को मारने की नाकाम कोशिश की गई थी। 

India-US Relation. न्यूयार्क कोर्ट ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने वाले भारतीय आरोपी के खिलाफ सबूतों की मांग की है। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि भारत के एक सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर आरोपी ने गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की नाकाम कोशिश की है। न्यूयार्क कोर्ट ने फेडरल गवर्नमेंट से आरोपी निखिल गुप्ता के खिलाफ सबूत मांगे हैं, जिससे यह साबित हो सके कि अमेरिकी धरती पर खालिस्तानी आतंकी को मारने की साजिश रची गई थी।

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बचाव पक्ष के वकील ने क्या डिमांड की

बीते 4 जनवरी को आरोपी निखिल गुप्ता के वकील ने कोर्ट में यह याचिका दायर की जिसमें कोर्ट से आदेश जारी करने की मांग की गई कि वे जांच की रिपोर्ट बचाव पक्ष के वकील को मिल सके। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज विक्टर मारेरो ने अपने ऑर्डर में कहा कि कोर्ट सरकार को आदेश की तारीख के 3 दिनों के भीतर प्रस्ताव पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देता है। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि निखिल गुप्ता अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता रखने वाले खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून को मारने की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ काम कर रहा था।

आरोप साबित हुए तो कितनी सजा मिल सकती है

भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर आरोप है कि उसने किराए के हत्यारों से हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए अधिकतम 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है। किराए के बदले हत्या की साजिश रचने का आरोप है सही साबित होता है तो 10 साल जेल की सजा हो सकती है। लेकिन इससे भारत और अमेरिका के संबंधों पर बुरा असर भी पड़ सकता है क्योंकि इसी तरह का मामला भारत और कनाडा के बीच भी है। जहां कनाडा ने भारतीय सरकार के एजेंट पर खालिस्तानी आतंकी की हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, जो अभी तक जारी है। दोनों देश अपने-अपने स्टैंड पर कायम हैं।

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