पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह बता रहे हैं कि विदेश जाकर भीख मांगते वक्त उन्हें कितनी शर्म आती है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के एक हाथ में परमाणु हथियार और दूसरे हाथ में भीख का कटोरा है। 

नई दिल्ली। भारत से दुश्मनी के चक्कर में पाकिस्तान आज इस कदर कंगाल (Pakistan economic crisis) हो गया है कि एक हाथ में परमाणु बम और दूसरे हाथ में भीख का कटोरा लिए फिर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ जहां जाते हैं वहां अपना कटोरा आगे बढ़ाते हैं और कहते हैं मेहरबानी करके कुछ पैसे डाल दीजिए। इस दौरान उन्हें शर्म तो खूब आती है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि मांगे बिना रह नहीं सकते।

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शाहबाज ने बताया आती है कितनी शर्म

शाहबाज शरीफ अपनी सभाओं में इस बात का जिक्र भी करते रहते हैं कि उन्हें दूसरे देशों में जाकर हाथ फैलाने में कितनी शर्म आती है। उनका एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में शाहबाज कह रहे हैं, "मैं दो दिन पहले सऊदी अरब और यूएई से होकर आया हूं। यूएई के सदर (राष्ट्रपति) मेरे भाई जनाब मोहम्मद बिन जायद बहुत प्यार और अपनापन से पेश आए। उन्होंने हमारे आगे अपना दिल खोल दिया। मैंने उनसे कहा कि आपने पाकिस्तान को दो अरब डॉलर का जो कर्जा दिया है, मेहरबानी करें उसको रोलओवर कर दें।"

बड़े भाई हैं दे दीजिए कर्ज

शाहबाज ने कहा, "पहले मैंने फैसला किया था कि उनसे और कर्जा नहीं मांगूंगा, मैंने आखिरी वक्त फैसला किया और हिम्मत बांधी कि उनसे और कर्ज मांगू। मैंने कहा कि जनाब आप मेरे बड़े भाई हैं। मुझे बड़ी शर्म आ रही है, लेकिन मजबूरी है, आप जानते हैं। आप हमें एक अरब डॉलर और दे दें। उन्होंने कहा कि शाहबाज शरीफ आप मेरे भाई हैं। मैं आपको किस तरह इनकार कर सकता हूं। मैं हाजिर हूं।"

एक हाथ में परमाणु बम दूसरे हाथ में है कटोरा

शरीफ ने कहा, "मैंने कहा कि मुझे बहुत शर्म आती है कि मैं हर बार आता हूं या कोई और आता है तो आप कहते तो नहीं, लेकिन दिल के अंदर तो समझते होंगे कि ये फिर पैसे मांगने आ गए हैं।" अपनी बात आगे बढ़ाते हुए शहबाज ने कहा, "आज पाकिस्तान की हालत यह है कि एक हाथ में हमारे न्यूक्लियर ताकत है और दूसरे हाथ में भीख का कटोरा। ये आग और पानी का खेल कब तक चलेगा।"

GDP का 77 फीसदी है पाकिस्तान का कुल कर्ज

गौरतलब है कि पाकिस्तान का कुल कर्ज उसके GDP का 77 फीसदी है। 2022 में पाकिस्तान पर 350 अरब डॉलर कर्ज था। पाकिस्तान को पिछला कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेना पड़ रहा है। स्थिति यह हो गई है कि देश के पास जरूरी सामान आयात करने के लिए डॉलर नहीं हैं। पाकिस्तान के पास सिर्फ तीन सप्ताह तक आयात करने लायक डॉलर हैं।

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जिनेवा में सम्मेलन कर मांगी खैरात

2022 में पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ आया था। इससे काफी नुकसान हुआ था। पिछले दिनों पाकिस्तान ने जिनेवा में खैरात मांगने के लिए सम्मेलन बुलाया था। इस दौरान पाकिस्तान को 10 अरब डॉलर कर्ज देने का भरोसा दिलाया गया। पाकिस्तान को मुफ्त के पैसे नहीं मिले। कुछ देशों ने मदद के लिए कर्ज देने का वादा जरूर किया।

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