Did you know? जोहान्सबर्ग में पीएम मोदी ने भारतीय टेक उद्यमियों और डायस्पोरा से क्यों की गुप्त मुलाकात? क्या यह भारत-साउथ अफ्रीका संबंधों में नई राह खोल सकता है, या कुछ बड़ा बदलाव आने वाला है?

जोहान्सबर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में भारतीय मूल के टेक एंटरप्रेन्योर्स और भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। यह मुलाकात G20 लीडर्स समिट के दौरान हुई। मोदी ने इन उद्यमियों और समुदाय के सदस्यों से भारत के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की अपील की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने भारतीय टेक एंटरप्रेन्योर्स के साथ फिनटेक, एजुकेशन, हेल्थकेयर, मेडिकल डिवाइस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एग्रीकल्चर सेक्टर में काम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उनकी मेहनत और इनोवेशन भारत के डिजिटल और आर्थिक विकास में मदद कर सकती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या मोदी की मुलाकात से भारतीय डायस्पोरा और भारत का रिश्ता मजबूत होगा?

प्रधानमंत्री ने साउथ अफ्रीका में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी बातचीत की, जो विभिन्न कम्युनिटी ऑर्गनाइज़ेशन में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और भारत की तरक्की की तारीफ की। मोदी ने कहा कि जिस तरह से वे लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ा रहे हैं, इसे बनाए रखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने की अपील भी की। विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच “एक लिविंग ब्रिज” के रूप में भारतीय डायस्पोरा की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने डायस्पोरा के योगदान और भारत-साउथ अफ्रीका के ऐतिहासिक रिश्तों को मजबूत करने की तारीफ की।

क्या यह ‘भारत को जानो’ क्विज़ डायस्पोरा को भारत से जोड़ सकता है?

मोदी ने साउथ अफ्रीका में आयोजित “भारत को जानो” क्विज़ के विजेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह क्विज़ डायस्पोरा के सदस्यों को भारत के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को जानने के लिए प्रोत्साहित करता है।

मोदी और एंथनी अल्बानसे की बैठक: क्या नई डिफेंस और ट्रेड डील संभव है?

G20 लीडर्स समिट के दौरान मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई काउंटरपार्ट एंथनी अल्बानसे से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने डिफेंस, सिक्योरिटी, ट्रेड, निवेश और लोगों के बीच रिश्तों पर हुई प्रगति का जायज़ा लिया। मोदी ने नैस्पर्स के चेयरमैन और CEO से भारत में डिजिटल निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा की।

क्या यह पहला अफ्रीकी G20 समिट भारत के लिए बड़ा बदलाव लाएगा?

मोदी की साउथ अफ्रीका यात्रा के दौरान गौतेंग के वाटरलूफ एयर फ़ोर्स बेस पर उनका औपचारिक स्वागत भी हुआ। यह अफ्रीका में पहला G20 समिट है। 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को G20 का सदस्य बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा और भारतीय समुदाय के साथ उनकी मुलाकात भारत-साउथ अफ्रीका संबंधों में नए अवसर और गहरा जुड़ाव लेकर आने की उम्मीद जगा रही है।

Scroll to load tweet…