मस्कट में PM मोदी का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय डायस्पोरा से संवाद, बिजनेस समिट और मैत्री पर्व के ज़रिए उन्होंने भारत-ओमान साझेदारी को नई दिशा देने की बात कही और विविधता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

Narendra Modi Muscat Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओमान यात्रा को लेकर मस्कट में रहने वाले भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। एग्जीबिशन सेंटर में सैकड़ों भारतीय PM मोदी को देखने के लिए बेसब्री से इंतज़ार करते नज़र आए। यह उत्साह केवल एक नेता को देखने का नहीं था, बल्कि भारत और ओमान के बीच मज़बूत होते रिश्तों का प्रतीक भी था। ओमान में बसे भारतीय डायस्पोरा का मानना है कि यह यात्रा भारत-ओमान आर्थिक संबंधों को नई मजबूती दे सकती है। व्यापार, निवेश और बिजनेस साझेदारी को लेकर लोगों को इस दौरे से बड़ी उम्मीदें हैं।

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मस्कट में PM मोदी का स्वागत इतना खास क्यों रहा?

सात साल बाद ओमान पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने जब भारतीय समुदाय से संवाद किया, तो माहौल पूरी तरह भावनात्मक हो गया। PM मोदी ने कहा कि इतने वर्षों बाद ओमान आकर और आप सभी से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। बिजनेस समिट में मौजूद लोगों की गर्मजोशी ने उनका उत्साह और बढ़ा दिया। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि यह बिजनेस समिट भारत-ओमान साझेदारी को नई दिशा और नई गति देगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा की सफलता में प्रवासी भारतीयों की भूमिका सबसे अहम है।

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भारत-ओमान बिजनेस समिट से क्या बदल सकता है?

भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि व्यापार और निवेश समझौतों से उनकी क्या उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच नए व्यापारिक अवसर खुल सकते हैं। PM मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत और ओमान की साझेदारी आने वाले समय में नई ऊँचाइयों को छुएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ सरकारों का नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों का साझा प्रयास है।

PM मोदी ने भारतीय विविधता को कैसे बताया ताकत?

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विविधता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं की भूमि है, जहाँ हर दिन नया रंग, हर मौसम नया त्योहार और हर परंपरा नया नज़रिया लेकर आती है। PM मोदी ने कहा कि भारतीय जहाँ भी जाते हैं, वहाँ की स्थानीय संस्कृति का सम्मान करते हैं और नियमों का पालन करते हैं। यही वजह है कि भारतीय समुदाय दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाता है।

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PM मोदी ने मस्कट को ‘छोटा भारत’ क्यों कहा?

मस्कट में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम ‘मैत्री पर्व’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने सामने एक “छोटा भारत” दिखाई दे रहा है। उन्होंने खास तौर पर मलयाली समुदाय का ज़िक्र किया, साथ ही बताया कि यहाँ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और गुजराती बोलने वाले भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। PM मोदी ने कहा, “आज हम सब यहाँ एक परिवार की तरह इकट्ठा हुए हैं। आज हम अपने देश और अपनी टीम इंडिया का जश्न मना रहे हैं।”

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डायस्पोरा भारत-ओमान रिश्तों में कितनी अहम भूमिका निभाता है?

प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रवासी भारतीय भारत और ओमान के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। वे न केवल आर्थिक सहयोग बढ़ाते हैं, बल्कि सांस्कृतिक रिश्तों को भी गहरा करते हैं। PM मोदी की ओमान यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा नहीं है, बल्कि यह भारत-ओमान दोस्ती, व्यापारिक साझेदारी और भारतीय डायस्पोरा की ताकत का उत्सव है। मस्कट में दिखा उत्साह यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।