पीएम नरेंद्र मोदी के ग्रीस दौरे पर पहुंचने के बाद दोनों देशों के बीच डेलिगेशन लेवल की मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद ज्वाइंट स्टेटमेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ग्रीस और भारत पुराने दोस्तों की तरह एक दूसरे को समझते हैं।

PM Modi Greece Visit: पीएम नरेंद्र मोदी के ग्रीस दौरे पर पहुंचने के बाद दोनों देशों के बीच डेलिगेशन लेवल की मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद ज्वाइंट स्टेटमेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ग्रीस और भारत पुराने दोस्तों की तरह एक दूसरे को समझते हैं। हम 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीस के जंगलों में लगी आग में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी दी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दोनों देश स्वभाविक मित्र

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्रीस और भारत- ये एक स्वाभाविक साम्यता है। विश्व की दो पुरातन सभ्यताओं के बीच, विश्व के दो पुरातन लोकतान्त्रिक विचारधाराओं के बीच, और विश्व के पुरातन व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों के बीच। हमारे संबंधों की नींव जितनी प्राचीन है, उतनी ही मजबूत है। विज्ञान, कला और संस्कृति - सभी विषयों में हमने एक दूसरे से सीखा है।

40 साल से कोई पीएम नहीं आया लेकिन संबंधों में कोई कमी नहीं आई

पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे बीच Geo-political , International और Regional विषयों पर बेहतरीन तालमेल है- चाहे वो इंडो-पैसिफ़िक में हो या मेडीटिरेनियन में। दो पुराने मित्रों की तरह हम एक दूसरे की भावनाओं को समझते हैं और उनका आदर करते हैं। 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत के किसी प्रधानमंत्री का ग्रीस आना हुआ है। फिर भी, ना तो हमारे संबंधों की गहराई कम हुई है, ना ही रिश्तों की गर्मजोशी में कोई कमी आई है। हमने तय किया है कि हम डिफेन्स और सिक्योरिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, शिक्षा, न्यू एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में अपने सहयोग को बढ़ा कर, अपनी strategic partnership को मजबूती देंगे।

दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ रहा व्यापार

उन्होंने कहा कि ग्रीस के प्रधानमंत्री और मैं सहमत हैं कि हमारा द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ोतरी की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए हमने वर्ष 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच स्किल्ड माइग्रेशन को सुगम बनाने के लिए, हमने जल्द ही एक माइग्रैशन एण्ड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट करने का निर्णय लिया।हमारा मानना है कि अपने प्राचीन पीपल टू पीपल संबंधों को नया रूप देने के लिए हमें सहयोग बढ़ाना चाहिए। हम अपने शिक्षण संस्थानों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा देंगे।

यह भी पढ़ें:

G20 Summit के लिए भारत नहीं आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, क्रेमलिन ने बताई वजह