शटडाउन की वजह से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ेगी, राजनीतिक उथलपुथल मचेगा।

वाशिंगटन: यूएस सरकार शटडाउन से महज 48 घंटे ही दूर है। इस शटडाउन से कई सर्विसेज बाधित हो जाएंगी। शटडाउन की वजह से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ेगी, राजनीतिक उथलपुथल मचेगा। दरअसल, सरकार पहली अक्टूबर के पहले फंडिग को मंजूरी नहीं देती है तो सरकार के कई विभाग के काम अस्थायी रूप से काम करना बंद कर देंगे। हर हाल में फेडरल गवर्नमेंट को 30 सितंबर तक फंडिंग की मंजूरी देनी होगी।

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अब समझिए क्या है शटडाउन?

आम भाषा में अगर कहिए तो बजट प्रस्ताव को अगर सरकार की ओर से संसद में पास नहीं किया जाएगा तो सभी वित्तीय आवंटन रूक जांएगे। ऐसी स्थिति में सारा कामकाज ठप हो जाएगा। दरअसल, अमेरिका में वित्तीय वर्ष 30 सितंबर को खत्म होता है। इसलिए नए वित्तीय वर्ष के लिए 30 सितंबर तक बजट या फंड को मंजूरी मिलना जरूरी है। अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस में फंडिंग आवंटित किया जाता है। यह फंड्स अमेरिका के 438 विभागों या एजेंसियों को अलाट होते हैं। अर्थशास्त्रियों की मानें तो अगर सरकारी एजेंसियों को फंड नहीं मिले तो वह काम नहीं कर पाएंगी।

क्यों अभी है दिक्कत?

वर्तमान में अमेरिकी संसद में सांसदों व दक्षिणपंथी रिपब्लिक लीडर्स के बीच विवाद की वजह से फंडिंग प्रस्ताव कांग्रेस में पास नहीं हो पा रहा। ऐसे में अगर प्रस्ताव पास नहीं हुआ तो अमेरिका में शटडाउन हो जाएगा यानी सारा कामकाज रूक जाएगा। केवल इमरजेंसी या आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी काम करेंगे। बाकी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी जाएगी, उनको सैलरी भी नहीं मिलेगी। आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों को भी तत्काल कोई सैलरी नहीं मिलेगी। सभी कामकाज ठप होने से अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। अगर अधिक दिनों तक यह शटडाउन रहा तो देश आर्थिक मंदी की चपेट में भी आ सकता है।

अमेरिका में 14 बार हो चुका शटडाउन

1981 के बाद से अबतक यूएस में 14 बार शटडाउन हो चुका है। इनमें से कुछ शटडाउन 24 से 48 घंटों तक के लिए रहे हैं। बीते दिसंबर 2018 और जनवरी 2019 के बीच 34 दिनों तक शटडाउन चला था। यह शटडाउन, बार्डर सिक्योरिटी की वजह से बने गतिरोध की वजह से हुआ था।

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