आत्महत्या के प्रयास में चेहरा गंवा चुके डेरेक को मिली नई ज़िंदगी। 50 घंटे की सर्जरी के बाद चेहरा प्रत्यारोपण से हुआ कमाल। अब वो फिर से जीने को तैयार हैं।

मेरिका के मिशिगन में तीस वर्षीय व्यक्ति का चेहरा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। आत्महत्या के प्रयास में नाक और मुंह सहित पूरा चेहरा बर्बाद हो गया था, डेरेक पफाफ नामक इस तीस वर्षीय व्यक्ति को अब नया चेहरा मिल गया है और वह दूसरी जिंदगी जी रहा है। इसी के साथ डेरेक पफाफ दुनिया के उन गिने-चुने लोगों में से एक बन गए हैं, जिनका चेहरा प्रत्यारोपण सफल रहा है। इस साल की शुरुआत में रोचेस्टर के मेयो क्लिनिक में 80 से अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की देखरेख में 50 घंटे से अधिक समय तक चली जटिल प्रक्रिया के बाद यह सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई। डेरेक सहित दुनिया में बहुत कम लोगों का चेहरा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक हुआ है। पिछले 20 वर्षों में दुनिया भर में इस तरह की केवल 50 सर्जरी ही सफल रही हैं। 

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दस साल पहले आत्महत्या के एक प्रयास में डेरेक का चेहरा पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। उस हादसे से बचकर जिंदगी में लौटने के बाद भी डेरेक पिछले 10 सालों से नाक और मुंह न होने के कारण खाना नहीं खा पा रहा था और न ही किसी से बात कर पा रहा था। कॉलेज के दिनों में 19 साल की उम्र में डेरेक ने एक बेवकूफी भरा कदम उठाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया था। घर में रखी बंदूक से उसने खुद को गोली मार ली थी। गोली लगने से डेरेक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

दस सालों में डेरेक ने लगभग 58 सर्जरी करवाईं। लेकिन वह ठोस खाना नहीं खा पा रहा था और न ही सामान्य तरीके से बात कर पा रहा था। डेरेक अब तक ट्यूब के जरिए खाना खा रहा था। नाक न होने के कारण डेरेक चश्मा भी नहीं लगा पा रहा था। लेकिन अब सफल सर्जरी के बाद डॉक्टरों का कहना है कि डेरेक के चेहरे का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा फिर से बन गया है। डेरेक की पलकें, ठोड़ी, दांत, नाक, गाल और गर्दन की त्वचा को फिर से बनाया गया है। अब डेरेक अपने चेहरे के भावों से दुख और खुशी जाहिर कर सकता है। साथ ही वह और स्पष्टता से बात भी कर सकता है। 

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सर्जरी के बाद ही मुझे फिर से इंसान होने का एहसास हुआ, डेरेक ने कहा। मुझे अब विश्वास है कि मैं मौत के मुंह से जिंदा लौटा हूं, और अब मैं अपनी कहानी पूरी दुनिया को सुनाना चाहता हूं, डेरेक ने आगे कहा। डेरेक ने चेहरा दान करने वाले व्यक्ति और सर्जरी करने वाले डॉक्टरों को धन्यवाद दिया। डेरेक का कहना है कि उसे आत्महत्या के प्रयास वाले दिन या उसके बाद के कुछ हफ्तों की कोई याद नहीं है। उसके पिता जेरी ने उसे घर के पास बर्फ से ढकी सड़क पर गोली लगने और खून से लथपथ अवस्था में पाया था। अस्पताल ले जाने के बाद डेरेक को हफ्तों बाद होश आया। डेरेक और उसके माता-पिता को आज तक नहीं पता कि उसने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया था।