भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक रवि चौधरी (Ravi Chaudhary) को अमेरिकी वायुसेना में असिस्टेंट सेक्रेटरी बनाया गया है। वायु सेना में इतने बड़े पद पर पहुंचने वाले रवि चौधरी पहले भारतीय-अमेरिकी नागरिक हैं।

वाशिंगटन। अमेरिकी सिनेट ने बुधवार को भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक रवि चौधरी को वायु सेना में असिस्टेंट सेक्रेटरी बनाने का फैसला किया। वह ऊर्जा, इंस्टॉलेशन और पर्यावरण संबंधी मामलों की जिम्मेदारी निभाएंगे।

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चौधरी के पक्ष में सिनेट में 65-29 वोट से फैसला हुआ। उन्हें पेटागन (अमेरिकी सेना मुख्यालय) में टॉप सिविलियन लीडरशिप के पदों में से एक पद मिला है। चौधरी यूएस एयरफोर्स में असिस्टेंट सेक्रेटरी बनने वाले पहले भारतीय मूल के अमेरिकी बने हैं। वह मिनीपोलिस के रहने वाले हैं।

वायु सेना में दो दशक तक की सेवा
यूएस सीनेटर एमी क्लोबुचर ने बयान जारी कर कहा, "मिनेसोटा में अप्रवासी माता-पिता के बेटे के रूप में बड़े होकर डॉ. रवि चौधरी ने वायु सेना के पायलट के रूप में हमारे देश की सेवा करने का सपना देखा था। उन्होंने एयरफोर्स की एक्टिव ड्यूटी में दो दशक से अधिक समय तक सेवा की। इसके बाद संघीय उड्डयन प्रशासन में काम किया। उन्होंने अपना करियर सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित किया है। मैंने सीनेट के माध्यम से चौधरी के नॉमिनेशन को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया है। मुझे विश्वास है कि उनके पास असिस्टेंट सेक्रेटरी पद के लिए जरूरी योग्यता और अनुभव है।"

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1993 से 2015 तक पायलट के रूप में किया काम
रवि चौधरी ने अमेरिकी वायुसेना में 1993 से 2015 तक पायलट के रूप में एक्टिव ड्यूटी की है। उन्होंने अफगानिस्तान और इराक में हुई लड़ाई में हिस्सा लिया है। वायुसेना से रिटायर होने के बाद चौधरी ने फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के कमर्शियल स्पेस ऑफिस में पांच साल काम किया। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें एशियाई अमेरिकियों और प्रशांत द्वीपसमूह पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग में सेवा देने के लिए नियुक्त किया था।

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