चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों के नाम बदले हैं। इसपर अमेरिका ने कहा है कि वह ऐसी किसी भी एकतरफा कोशिश का "दृढ़ता से विरोध" करता है। अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है।

वाशिंगटन। चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करते हुए 11 जगहों के नाम बदल दिए हैं। ड्रैगन की इस चाल पर अमेरिका ने कहा है कि उसे ऐसी हरकतें मंजूर नहीं हैं। व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का ऑफिस) ने कहा कि अमेरिका भारतीय क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश पर दावा करने के चीन के प्रयासों का "दृढ़ता से विरोध" करता है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने कहा कि यह भारतीय क्षेत्र पर दावा करने का चीन का एक और प्रयास है। अमेरिका ने लंबे समय से उस क्षेत्र को मान्यता दी है। हम इलाकों का नाम बदलकर क्षेत्र पर दावा करने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध करते हैं।

अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों को दिया चीनी नाम
व्हाइट हाउस से यह बयान चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदलने के बाद आया है। चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का दक्षिणी भाग जंगनान बताता है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों के नाम बदले हैं। इन्हें चीनी नाम दिया गया है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा
इस संबंध में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि भारत अरुणाचल प्रदेश के स्थानों का नाम बदलने की चीन की कोशिश को खारिज करता है। उन्होंने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह का प्रयास किया है। हम इसे पूरी तरह अस्वीकार करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। नाम बदलने से सच्चाई नहीं बदलती।"

यह भी पढ़ें- चीन ने अरुणाचल में बदले कई नाम: 5 साल में तीसरी बार की ये हरकत, भारत ने दिया जवाब- 'अरुणाचल देश का अभिन्न हिस्सा'

गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश पर दावा करने के लिए चीन द्वारा नाम बदलने का हथकंडा नया नहीं है। पांच साल में चीन ने तीसरी बार ऐसा किया है। 2021 में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के नाम बदले थे। वहीं, 2017 में 6 स्थानों के नाम बदले थे।

यह भी पढ़ें- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर लगा 1.21 लाख डॉलर का जुर्माना, नहीं चलेगा क्रिमिनल केस