ट्रंप प्रशासन ने ग्रीन कार्ड नियम कड़े कर दिए हैं। अब अमेरिकी नागरिक से शादी ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं है। अधिकारी शादी की असलियत और कपल के साथ रहने की गहन जांच करेंगे, ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।

न्यूयॉर्क: अमेरिकी नागरिकता की तरफ एक अहम कदम माने जाने वाले ग्रीन कार्ड, यानी स्थायी निवास की अनुमति पर भी ट्रंप प्रशासन ने कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अब सिर्फ शादी के जरिए आसानी से ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगा। जाने-माने इमिग्रेशन अटॉर्नी ब्रैड बर्नस्टीन ने साफ किया है कि अमेरिकी नागरिक से शादी करने पर आप ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई तो कर सकते हैं, लेकिन इसके मिलने की कोई गारंटी नहीं है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की उन सख्त पाबंदियों का हिस्सा है, जो सिर्फ इमिग्रेशन फायदों के लिए की जाने वाली शादियों को रोकने के लिए लगाई जा रही हैं।

क्या शादी असली है?

अब शादी के आधार पर ग्रीन कार्ड की अर्जियों पर इमिग्रेशन अधिकारी बहुत सावधानी से जांच करेंगे। अधिकारी यह पक्का करेंगे कि शादी सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि असली भी है या सिर्फ कागजों पर हुई है। ग्रीन कार्ड तभी दिया जाएगा, जब अधिकारियों को इनके रिश्ते की गहराई और सच्चाई पर यकीन हो जाएगा। इस नए कदम का मकसद इमिग्रेशन कानूनों की खामियों का फायदा उठाकर नागरिकता पाने की कोशिशों को खत्म करना है।

अधिकारी मुख्य रूप से इस बात पर ध्यान देंगे कि शादी के बाद कपल एक साथ रह रहा है या नहीं। नौकरी, पढ़ाई या आर्थिक वजहों से अलग रहने वालों के लिए ग्रीन कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है। ब्रैड बर्नस्टीन ने चेतावनी दी है कि इमिग्रेशन डिपार्टमेंट इन वजहों पर ध्यान नहीं देगा और सिर्फ यह जांचेगा कि वे पति-पत्नी के तौर पर एक साथ रह रहे हैं या नहीं। इमिग्रेशन कानूनों के मुताबिक, कानूनी शादी का मतलब है कि कपल एक ही छत के नीचे रहे। अलग रहना शादी में धोखाधड़ी माना जा सकता है, जिससे अर्जी खारिज हो सकती है और आगे कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। यह तय करने के लिए कि शादी सिर्फ इमिग्रेशन फायदों के लिए तो नहीं की गई, कपल की पूरी जीवनशैली और रिश्ते की जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि जो लोग शादी को ग्रीन कार्ड पाने का आसान रास्ता समझते हैं, उनके लिए ये नए सख्त नियम एक बड़ा झटका होंगे।