Ukraine-Russia Peace Talks: अमेरिका ने यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करने के लिए फ्लोरिडा में त्रिपक्षीय शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि बातचीत होगी या नहीं, यह यूएस-यूक्रेन बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा। 

Ukraine-Russia Peace Initiative: यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक नई कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने खुलासा किया है कि अमेरिका ने यूक्रेन, रूस और यूएस के बीच त्रिपक्षीय शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा है। यह संभावित बातचीत अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में हो सकती है, जहां पहले से ही कई अहम बैठकें चल रही हैं। हालांकि, जेलेंस्की ने साफ किया कि यह बातचीत होगी या नहीं, इसका फैसला यूएस-यूक्रेन बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा, जो शुक्रवार से शुरू हो चुकी है।

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यूरोप भी हो सकता है शामिल

कीव में पत्रकारों से बात करते हुए जेलेंस्की ने बताया कि अगर ये त्रिपक्षीय वार्ता आगे बढ़ती है, तो यूरोपीय देशों का प्रतिनिधिमंडल भी इसमें शामिल हो सकता है, क्योंकि इस वक्त यूरोप के प्रतिनिधि भी फ्लोरिडा में मौजूद हैं। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेलेंस्की ने कहा, 'अमेरिका ने पहले रूस के साथ अलग बैठक की बात कही है। इसके बाद यूक्रेन-यूएस-रूस के फॉर्मेट पर चर्चा हो सकती है और संभव है कि यूरोप भी इसमें शामिल हो।'

यूएस-यूक्रेन बातचीत के बाद होगा अगला फैसला

जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि किसी भी संयुक्त बैठक से पहले यह देखा जाएगा कि यूएस-यूक्रेन बातचीत कितनी पॉजिटिव रहती है। उसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई देश के टॉप सुरक्षा अधिकारी रुस्तेम उमेरोव कर रहे हैं। यह बातचीत उस कूटनीतिक गतिविधि का हिस्सा है, जिसमें अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुश्नर पहले ही कीव और यूरोपीय सहयोगियों से चर्चा कर चुके हैं।

रूस से भी होगी अलग बातचीत

सूत्रों के मुताबिक, स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुश्नर की क्रेमलिन के दूत किरिल दिमित्रिएव से फ्लोरिडा में मुलाकात हो सकती है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो ट्रंप प्रशासन में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र की भूमिका भी निभा रहे हैं, कुछ बैठकों में शामिल हो सकते हैं।

जमीन छोड़ने के संकेत पर जेलेंस्की सख्त

जर्मनी में हुई बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि यूक्रेन को कुछ इलाकों पर दावा छोड़ना पड़ सकता है, जो फिलहाल रूस के कब्जे में नहीं हैं। इस बयान पर जेलेंस्की ने कड़ा रुख अपनाया है और पहले भी ऐसे किसी प्रस्ताव को खारिज कर चुके हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन और उसके सहयोगी किसी भी समझौते को बेहद सावधानी से तैयार कर रहे हैं, ताकि यह सिर्फ इलाकों या संसाधनों के बंटवारे की डील न बने, बल्कि स्थायी शांति और मजबूत सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित हो।

यूक्रेन की सबसे बड़ी चिंता युद्ध के बाद क्या?

जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन यह जानना चाहता है कि अगर भविष्य में रूस फिर हमला करता है तो उसके सहयोगी क्या कदम उठाएंगे। इसमें यूक्रेनी सेना की ताकत, संभावित प्रतिबंध पैकेज और रूस को रोकने की रणनीति शामिल हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा कि 'हमारे लिए सबसे अहम है एक निष्पक्ष और टिकाऊ शांति है।'

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने का प्लान क्या है?

अमेरिका और रूस की ओर से तैयार 28-पॉइंट शांति योजना के तहत यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव कराने का प्रस्ताव भी शामिल है। जेलेंस्की ने कहा कि चुनाव तभी संभव हैं जब या तो सीजफायर हो या युद्ध पूरी तरह खत्म हो। उन्होंने माना कि यह मुद्दा अमेरिकी साझेदारों ने उठाया है और अगर वे इस पर जोर दे रहे हैं, तो उन्हें सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने में भी मदद करनी होगी।

पहले भी हो चुकी है वॉर रोकने की कोशिश

डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति बनने से पहले दावा किया था कि वे अपने कार्यकाल के पहले ही दिन युद्ध खत्म कर देंगे। हालांकि अब तक उनके प्रयासों को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कठोर शर्तों के चलते झटका लगा है। अगस्त में अलास्का में हुई ट्रंप-पुतिन शिखर बैठक के बावजूद युद्धविराम पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।