अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला क्यों किया? पढ़ें मादुरो को पकड़ने के पीछे की कहानी
Why did the US attack Venezuela? अमेरिका ने अचानक वेनेजुएला पर हमला क्यों किया? क्या मादुरो सच में अपराधी थे या तेल और भू-राजनीति की चालबाज़ी का शिकार? जानिए कैसे एक दशक की टकराव ने युद्ध और गिरफ्तारी तक की राह बनाई।

US Venezuela Attack: संयुक्त राज्य अमेरिका ने 3 जनवरी, 2026 को वेनेज़ुएला में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले गया। लेकिन यह मिशन अचानक नहीं हुआ। इसके पीछे तेल, भू-राजनीति, सत्ता संघर्ष और कथित आपराधिक गतिविधियों का लंबा इतिहास छुपा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन सालों की प्लानिंग और तेज़ बढ़ते तनाव का परिणाम था।
क्यों अमेरिका और मादुरो के बीच तनातनी बढ़ी?
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा अतिरिक्त-भारी कच्चा तेल है। मादुरो के सत्ता संभालने के बाद (2013 में ह्यूगो शावेज़ की मृत्यु के बाद) अमेरिका-वेनेजुएला संबंध तेजी से बिगड़ने लगे। अमेरिका लगातार मादुरो सरकार पर "नारको-स्टेट" बनने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाता रहा, जबकि कराकस वाशिंगटन पर साम्राज्यवाद और साजिश रचने का आरोप लगाता रहा।
तेल, खनिज और भू-राजनीति ने कैसे बढ़ाया संघर्ष?
वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल पर निर्भर है। देश के पास विशाल एक्स्ट्रा-हेवी क्रूड और प्राकृतिक गैस के भंडार हैं। अमेरिका ने लंबे समय से इस तेल और खनिज संपदा पर निगाहें गड़ी हुई थीं। मादुरो सरकार ने तेल की कमाई घटने के बाद सोने और कोल्टन जैसे खनिजों की माइनिंग बढ़ाई, जो अवैध समूहों और तस्करों से जुड़ गई। अमेरिका ने इसे एक बहाना मानकर मादुरो के खिलाफ कार्रवाई तेज की।
क्या नशीली दवाओं की तस्करी ने हालात बदले?
मार्च 2020 में अमेरिकी अभियोजकों ने मादुरो पर "नारको-आतंकवाद" का आरोप लगाया। वेनेजुएला के नेता पर कार्टेल डे लॉस सोल्स के साथ मिलकर अमेरिका में कोकीन भेजने का आरोप लगा। यह आरोप अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई का मुख्य आधार बने।
क्या मादुरो का चुनाव असली था या विवादित?
जुलाई 2024 के चुनाव में मादुरो की जीत को कई सरकारों ने विवादित बताया। अमेरिका ने उन्हें वैध राष्ट्रपति नहीं माना। जनवरी 2025 में मादुरो की दूसरी शपथ के बाद अमेरिकी नजर में वह गैरकानूनी शासक थे।
कैसे बढ़ा दबाव और सैन्य कार्रवाई कब शुरू हुई?
ट्रंप प्रशासन ने तेल और वित्तीय प्रतिबंध कड़े किए, मादुरो की गिरफ्तारी पर $50 मिलियन का इनाम रखा और ट्रेंन डे अरागुआ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया। सितंबर 2025 से अमेरिकी सेना ने कैरिबियन में वेनेजुएला से जुड़े जहाज़ों पर बमबारी शुरू की। दिसंबर में अमेरिकी इंटेलिजेंस ने वेनेजुएला में ड्रोन हमला किया। जनवरी 2026 में फिर सैन्य कार्रवाई पूरी हुई और मादुरो को पकड़ लिया गया।
अमेरिका की रणनीति क्या थी?
ट्रंप प्रशासन ने इसे तीन स्तंभों पर आधारित रणनीति बताया:
- मादुरो को अपराधी के रूप में जिम्मेदार ठहराना।
- उनके चुनावी जनादेश को अवैध ठहराना।
- प्रतिबंधों और नौसैनिक हमलों के बाद सीधे सैन्य कार्रवाई करना।
वेनेजुएला ने इसे "साम्राज्यवादी हमला" कहा। नागरिकों को सड़क पर उतरने का आग्रह किया गया और बाहरी अशांति घोषित की गई। रूस, ईरान और क्यूबा ने निंदा की, जबकि अर्जेंटीना ने ट्रंप की तारीफ की।
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