जापान के एक रेस्त्रां में काम करने वाली वेट्रेस ग्राहकों को कॉकटेल में अपना खून मिला दिया। इस बात की जानकारी मिलने पर कैफे के मालिक ने उसे काम से निकाल दिया।

टोक्यो: जापान के एक कैफे ने अपने यहां काम करने वाली एक वेट्रेस को उस समय निकाल दिया गया था, जब कैफे के मालिक को यह पता चला कि उसने ग्राहक के कॉकटेल में अपना खून मिलाया था। इंडिपेंडेंट के अनुसार मोंडाईजी कॉन नाम का कैफे ऐसे वेट्रेस को काम पर रखता है,जो डार्क और गॉथ-स्टाइल मेकअप करती हैं।एक ट्वीट में कैफे ने घोषणा की है कि उसने उस अज्ञात महिला को निकाल दिया है, जिसने ग्राहकों के लिए फलों,रंगीन सिरप और अपने खून को मिक्स करके ओरिकाकू नामक ड्रिंक बनाया था।

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इसके अलावा सभी कंटेंमेंट को बदलने के लिए कैफे एक दिन भी बंद रहा। ट्वीट में कहा गया है कि इस तरह का कृत्य जॉब टरेरिज्म से अलग नहीं है और बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। एक अन्य ट्वीट में कैफे के मालिक ने घटना के लिए ग्राहकों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कृपया मुझे स्टोर चलाने दें। मैं स्टोर साफ करूंगा, ग्लास बदलूंगा और दूषित शराब का निपटान करूंगा। एक बार फिर मुझे बहुत खेद है कि इस बार आपको परेशानी हुई।

जितनी चाहें पी सकते हैं ड्रिंक्स
उल्लेखनीय है कि वेट्रेस ने एक ग्राहक के अनुरोध पर ड्रिंक में अपना खून मिला दिया था। यह कैफे साप्पोरो शहर के सुसुकिनो एंटरटेनमेंट जिले में मार्च में खोला गया था, और ग्राहकों को कैफे में 2,500 येन (लगभग 25 डॉलर) खर्च करके जितनी चाहें उतना ड्रिंक पी सकते हैं।

हो सकती हैं बीमारियां
इस घटना के बारे में बात करते हुएडॉ जेंटो किताओ ने जापानी पत्रिका फ्लैश को बताया ति दूसरे लोगों का खून पीना बेहद खतरनाक है। किसी अन्य व्यक्ति का रक्त पीने से लोगों के संक्रमित होने के मामले दुर्लभ हैं,लेकिन ऐसा करने से एचआईवी, हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस बी और सिफलिस सहित बड़ी बीमारियों हो सकती हैं।

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ब्लड ट्रांसमिशन से खतरा
इतना ही नहीं अगर किसी के मुंह में घाव है,तो ब्लड ट्रांसमिशन से वह आसानी से संक्रमित हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बर्खास्त किए गए कर्मचारी और उसके ब्लड-इंफ्यूज कॉकटेल पीने वाले ग्राहकों को ब्लड ट्रांसमिशन रोगों से निपटने के लिए एक टेस्ट करवाना होगा।