वांटेड आतंकी और खालिस्तान कमांडो फोर्स का प्रमुख परमजीत पंजवार पाकिस्तान के लाहौर में मारा गया। परमजीत को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा सुरक्षा दी जा रही थी।

लाहौर। वांटेड आतंकी और खालिस्तान कमांडो फोर्स (Khalistan Commando Force) का प्रमुख परमजीत पंजवार (Paramjit Panjwar) पाकिस्तान के लाहौर में मारा गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लाहौर के जोहार टाउन में दो अज्ञात हमलावरों ने परमजीत पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी। परमजीत को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा सुरक्षा दी जा रही थी।

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परमजीत सिंह पंजवार उर्फ मलिक सरदार सिंह की शनिवार सुबह करीब छह बजे जौहर टाउन स्थित सनफ्लावर सोसायटी स्थित उसके घर के पास हत्या कर दी गई। हमले में उसका गनमैन घायल हो गया। परमजीत सिंह का जन्म पंजाब के तरनतारन के पास स्थित पंजवार गांव में हुआ था।

सिख उग्रवाद को फिर से जिंदा करने में जुटा था परमजीत सिंह
59 साल का परमजीत सिख उग्रवाद को फिर से जिंदा करने में जुटा था। वह हत्या, नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी में भी शामिल था। परमजीत 1986 में खालिस्तान कमांडो फोर्स में शामिल हुआ था। इससे पहले वह सोहल में एक केंद्रीय सहकारी बैंक में काम कर रहा था। 1990 से परमजीत खालिस्तान कमांडो फोर्स को संभाल रहा था। उसने पाकिस्तान में पनाह ले रखी थी। उसकी पत्नी और बच्चे जर्मनी में रहते हैं।

ड्रग्स तस्करी में अधिक सक्रिय था परमजीत
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परमजीत पिछले कुछ दशकों से ड्रग्स की तस्करी में अधिक सक्रिय था। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि गैंग के अंदर होने वाली प्रतिद्वंद्विता के चलते परमजीत की हत्या हुई होगी। वह ड्रोन की मदद से पाकिस्तान से ड्रग्स भारत के पंजाब में भेजने में सक्रिय रूप से शामिल था।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान द्वारा ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन्स का इस्तेमाल बढ़ा है। ड्रोन की मदद से आईएसआई पंजाब में हथियारों की सप्लाई करा रही है। इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गिरोहों के साथ ही आतंकियों द्वारा भी किया जा रहा है।