अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनीं हैं। उम्मीद है कि चुनाव जीतने के बाद वह यूक्रेन, चीन और ईरान के साथ जो बाइडेन की विदेश नीति के अनुसार काम करेंगी।

वाशिंगटन। अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनीं हैं। वह इस पद तक पहुंचने वाली पहली अस्वेत और भारतीय मूल की महिला हैं। चुनाव में उनका सामना रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रम्प से है।

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उम्मीद है कि चुनाव जीतने के बाद कमला हैरिस यूक्रेन, चीन और ईरान जैसे प्रमुख मुद्दों पर जो बाइडेन की विदेश नीति के अनुसार काम करेंगी। वह गाजा युद्ध को लेकर इजरायल के साथ कड़ा रुख अपना सकती हैं।

पेशे से वकील हैं कमला हैरिस

कमला हैरिस पेशे से वकील हैं। उप-राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने अमेरिका-मैक्सिको सीमा मामले पर काम किया है। वह चीन और रूस से लेकर गाजा तक के मुद्दों पर अपने कड़े रुख के लिए जानी जाती हैं। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में उन्होंने यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस की कड़ी आलोचना की थी।

चीन के प्रति कमला हैरिस का रहा है कड़ा रुख

चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते को लेकर कमला हैरिस का कड़ा रुख रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया है कि एशिया में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अमेरिका की जरूरत है। वह चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए एशिया के अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। वह चीन के साथ सहयोग के क्षेत्रों की तलाश के साथ जरूरत पड़ने पर उसका सामना करने के बाइडेन के रुख को बनाए रख सकती हैं। वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका के फोकस को बढ़ा सकती हैं।

भारत-अमेरिका रिश्ते को आगे बढ़ाएंगी कमला हैरिस

कमला हैरिस भारत-अमेरिका रिश्ते को आगे बढ़ा सकती हैं। बाइडेन प्रशासन भारत को एशिया में बड़े सहयोगी के रूप में देखता है। उम्मीद की जा रही है कि कमला चुनाव जीतती हैं तो भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते को और मजबूत करेंगी।

गाजा युद्ध को लेकर कमला हैरिस पर रहेगी नजर

कमला हैरिस चुनाव जीतती हैं तो इस बात पर नजर रहेगी कि वह गाजा युद्ध को लेकर इजरायल के साथ किस तरह का बर्ताव करती हैं। इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष उनके एजेंडे में ऊंचे स्थान पर होगा। 7 अक्टूबर को हमास के आतंकवादियों द्वारा हमला किए जाने के बाद इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का उन्होंने समर्थन किया था, लेकिन उन्होंने इजरायल के सैन्य कार्रवाई को लेकर कई बार आलोचना की है।

ईरान के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेंगी कमला हैरिस

कमला हैरिस से उम्मीद की जा रही है कि यह इजरायल के कट्टर दुश्मन ईरान के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेंगी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के "हथियारीकरण" का बढ़ता खतरा हैरिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।

कौन हैं कमला हैरिस?

59 साल की कमला हैरिस का जन्म अमेरिका के कैलिफोर्निया के ओकलैंड में हुआ था। उनके माता-पिता अप्रवासी थे। उनकी मां भारत और पिता जमैका में जन्मे थे। उन्होंने हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है। हॉवर्ड में चार वर्ष बिताने के बाद हैरिस ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। उन्होंने अल्मेडा काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी कार्यालय में अपना करियर शुरू किया था।

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वह 2003 में सैन फ्रांसिस्को की जिला अटॉर्नी बनीं थीं। इसके बाद वह कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल बनीं। उन्होंने 2017 में कैलिफोर्निया के जूनियर अमेरिकी सीनेटर के रूप में चुनाव जीता था। वह अमेरिकी सीनेट के लिए चुनी गई दूसरी अश्वेत महिला थीं। उन्होंने 2019 की शुरुआत में ओकलैंड में राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की शुरुआत की थी, लेकिन बाइडेन से पिछड़ गईं थीं। बाइडेन ने उन्हें उप-राष्ट्रपति बनाया था।