जापान में औसत उच्च लाइफ एक्सपेक्टेंसी पुरुषों के लिए 80.98 और महिलाओं के लिए 87.14 है। G7 देशों में भी जापानियों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी सबसे ज्यादा है। 

टोक्यो: अगर कोई व्यक्ति अपने खाने पीना का ख्याल रखता है और पोषक आहार लेता है तो वह लंबे समय तक जीवित रह सकता है। यह ही वजह है कि जापान के लोगों की उम्र दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले ज्यादा होती है। औसत उच्च लाइफ एक्सपेक्टेंसी पुरुषों के लिए 80.98 और महिलाओं के लिए 87.14 है। G7 देशों में भी जापानियों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी सबसे ज्यादा है। जापान में विशेष आहार ने पिछले कुछ वर्षों से एक्सपर्ट्स का ध्यान आकर्षित किया है।

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आमतौर पर जापान के लोग चावल, सब्जियां और मछली खाते हैं। इसके अलावा वह फर्मेंट किया हुआ सोया और सीवीड भी खाते हैं, जिससे पता चलता है कि उनके शरीर में विटामिन, मिनिरल्स और फायदेमंद फाइटोकेमिकल्स की कोई कमी नहीं होती है। जापान में खाने को ज्यादातर स्टीम करके खाया जाता है।

जापान में कॉफी और चाय का कम इस्तेमाल

इसके अलावा फर्मेंनटेशन के साथ-साथ पैन में ग्रिलिंग, भूनना, हल्का फ्राइ करना और धीरे-धीरे पकाया जाना जापानी कुकिंग का हिस्सा है। इतना ही नहीं जापानी लोग खाने में कम से कम एक प्याला सूप पीना पसंद करते हैं। जापानी कॉफी कम और चाय ज्यादा पीते हैं। ऐसे में अगर कोई चाय पीता भी है, तो वह चाय में दूध का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वह चाय में हरी पत्तियों को ही यूज करते हैं जिससे उसमें क्लोरोफिल और एंटीऑक्सिडेंट बरकरार रह सकें।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करते हैं जापान के लोग

जापान के लोग आने जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं और पैदल ज्यादा चलते हैं। यहां लोग घंटो बैठकर काम करने की जगह खड़े होकर काम करते हैं। इसके साथ-साथ वहां दिन की शुरुआत rajio taiso (एक तरह का एक्सरसाइज) से करते हैं।

साफ-सफाई का ख्याल रखते हैं जापानी

जापानी स्वच्छता का बेहद ख्याल रखते हैं। उनकी संस्कृति में शिंटोइज्म की परंपरा है है, जिसका उद्देश्य पवित्र रहना होता है। जापान लोग दिन में दो बार नहाते हैं। घर के अलावा वह बाहर भी साफ-सफाई का भी ख्याल रखते हैं।

एलोपैथिक दवाईयों का सेवन नही जापानी

जापानी लोग कभी भी एलोपैथिक दवाईयों का सेवन नही करते वह हमेशा आर्युवैदिक तरीकों कसे ही अपना इलाव करवाते हैं। यहां की जनता सिगरेट और शराब जैसे नशीले पदार्थो का सेवन से दूर रहती है।

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