इजराइल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीन समर्थित आतंकी संगठन हमास के नेताओं ने 26 अक्टूबर को रूस में एक बैठक में हिस्सा लिया। इस पर इजराइल ने रूस को कड़ा संदेश दिया है। वहीं, रूस ने भी अपनी सफाई पेश की है। 

Israel Reaction on Hamas Meeting in Russia: इजराइल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीन समर्थित आतंकी संगठन हमास के नेताओं ने 26 अक्टूबर को रूस में एक बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत मिखाइल बोगदानोव और विदेश मामलों के उपमंत्री भी मौजूद थे। साथ ही बैठक में ईरान के मंत्री भी थे। मास्को में हमास के साथ हुई इस बैठक पर इजराइल ने कड़ा विरोध जताया है।

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इजराइल ने कहा- हमास आतंकियों को फौरन बाहर निकाले रूस

इजरायल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि हम रूस की सरकार से हमास के आतंकियों को फौरन बाहर निकालने की अपील करते हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर रूस का कहना है कि इजरायल-फिलिस्तीनी की लड़ाई में हम सभी पक्षों के साथ बराबर संपर्क बनाए रखना चाहते हैं। रूसी संसद क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा- हमास के प्रतिनिधिमंडल ने रूस के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है, उनका क्रेमलिन से कोई लेना-देना नहीं है।

ईरान बोला- इजराइल के बंधकों को छोड़ना चाहता है हमास

रूस में हुई हमास के नेताओं की बैठक पर ईरान के विदेश मंत्री अमीराब्दुल्लाहियान ने कहा कि हमास युद्ध के दौरान बंधक बनाए गए लोगों को छोड़ने और उन्हें ईरान को सौंपने के लिए तैयार है।

हमास के हाथ इजरायलियों के खून से सने

वहीं, इजराइल का कहना है कि हमास के हमारे 1400 नागरिकों की हत्या की है। हमास ने इजराइली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ बर्बरता की। हमारे 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाया है। ऐसे में हमास के आतंकियों से बात करने को हम अनुचित मानते हैं और रूस से अपील करते हैं कि वो इन आतंकियों को अपने देश से तत्काल बाहर करे।

रूस ने किया था फिलिस्तीन का समर्थन

बता दें कि इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही फिलिस्तीन का समर्थन कर चुके हैं। पुतिन ने कहा था- एक आजाद फिलिस्तीन को बनाने की जरूरत है।

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