सैन्य ताकत की बात करें तो पाकिस्तान दुनिया का 12वां पावरफुल देश है, जबकि अफगानिस्तान इस मामले में 118वें नंबर पर है। बावजूद इसके तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तान को नाको चने चबवा दिए हैं। आखिर ऐसा कौन-सा ब्रह्मास्त्र है, जिसकी काट पाकिस्तान के पास नहीं।

Pakistan vs Taliban: पाकिस्तान और अफगान तालिबान में भले ही 48 घंटे का सीजफायर लागू हो गया है, लेकिन दोनों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है। ऐसे में कहा जा रहा है कि युद्धविराम खत्म होते ही दोनों एक बार फिर आमने-सामने हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने पाकिस्तान के 50 से ज्यादा सैनिकों को मारने का दावा किया है। वहीं पाकिस्तान ने भी काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए हैं। कुल मिलाकर अब तक की लड़ाई में तालिबान पूरी तरह से पाकिस्तान पर भारी पड़ा है। यहां तक कि पाकिस्तान को सीजफायर के लिए सऊदी अरब और कतर से गुहार लगानी पड़ी।

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तालिबान का वो 'ब्रह्मास्त्र', जिसकी काट नहीं है पाकिस्तान के पास

अफगानिस्तान पर फिलहाल तालिबान का कब्जा है। तालिबान लड़ाकों के पास एक ऐसा 'अस्त्र' है, जिसकी काट खुद पाकिस्तान के पास भी नहीं है। दरअसल, तालिबानी लड़ाके गुरिल्ला युद्ध में माहिर हैं। यह एक तरह का ऐसा युद्ध है, जिसमें लड़ाकों के छोटे-छोटे ग्रुप किसी बड़ी सेना के खिलाफ पहले तो अचानक हमला करते हैं और फिर छुप जाते हैं। यह रणनीति उन हालातों में अपनाई जाती है, जब दुश्मन गिनती और हथियारों में ज्यादा ताकतवर होता है।

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तालिबानी सेना के छुपे हथियारों से घबराया पाकिस्तान

गुरिल्ला युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन को थकाना, डराना और कमजोर करके उनके मनोबल को तोड़ना होता है। इससे सामने वाली सेना आधा युद्ध तो वैसे ही हार जाती है। गुरिल्ला वॉरफेयर में अक्सर छिपकर या घात लगाकर हमले किए जाते हैं। इसमें ट्रेडिशनल वॉर की जगह अनियमित रणनीति अपनाई जाती है, जिसकी दुश्मन को जरा सी भी भनक नहीं लगती। गुरिल्ला युद्ध अक्सर उन इलाकों में ज्यादा असरदार होता है, जहां छिपने की जगह हो। जैसे जंगल, पहाड़ या घनी अबादी वाले शहर इसके लिए मुफीद हैं।

पाकिस्तान 12वें तो अफगानिस्तान 118वें नंबर पर, तालिबान फिर भी पड़ रहा भारी

ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के मुताबिक, सैन्य ताकत के मामले में पाकिस्तान दुनिया का 12वां ताकतवर मुल्क है। वहीं, वो जिनसे लड़ रहा है यानी अफगानिस्तान इस इंडेक्स में शामिल 145 देशों में से 118वें नंबर पर है। अफगानिस्तान के पास न तो अपनी एयरफोर्स है, ना ही नेवी। अन्य हथियारों में भी वो पाकिस्तान के मुकाबले कहीं नहीं टिकते। लेकिन उनकी सबसे बड़ी ताकत तालिबान लड़ाके हैं, जिसमे सबसे ज्यादा पश्तून हैं। हथियारों की कमी के बाद भी इन्हें पूरे इलाके की भौगोलिक जानकारी है, जिसका फायदा उठाकर ये छोटी-छोटी टुकड़ियों में पाकिस्तानी सैनिकों पर अटैक करते हैं। बता दें कि तालिबान ने 2021 में अमेरिका के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद उस पर कब्जा कर लिया।

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