US Peace Framework: ज़ेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए US के अपडेटेड प्लान के सिद्धांतों का स्वागत किया। क्या US का नया और ‘अनपब्लिश्ड’ प्लान रूस-यूक्रेन युद्ध को अचानक खत्म करने की क्षमता रखता है?  

नई दिल्ली। पिछले लगभग चार साल से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। लेकिन अब इस संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका ने एक नया ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे अपडेट भी किया गया है और जिसे लेकर पूरी दुनिया की नज़रें टिकी हुई हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस नए US प्लान के “सिद्धांतों” का स्वागत करते हुए कहा है कि यह डॉक्यूमेंट आगे चलकर “गहरे समझौतों” का आधार बन सकता है।

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क्या नया US ड्राफ्ट रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने का असली ब्लूप्रिंट है?

हालांकि यह प्लान अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन ज़ेलेंस्की के बयान से संकेत मिलते हैं कि इसमें कई अहम बदलाव किए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस नए ड्राफ्ट में पहले वर्शन की तुलना में रूस के पक्ष में कही जाने वाली झुकाव की आलोचना को ध्यान में रखते हुए कई हिस्से अपडेट किए गए हैं।

ज़ेलेंस्की “सिद्धांतों” को गहरे समझौतों में क्यों बदलते देख रहे हैं?

अपने रोज़ाना के संबोधन में ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन इस प्लान के फ्रेमवर्क के साथ आगे बढ़ने को तैयार है, लेकिन अभी भी कुछ “संवेदनशील पॉइंट्स” मौजूद हैं जिन पर विशेष चर्चा की जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे प्रोसेस में अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि रूस अमेरिकी पावर और अमेरिकी फैसलों पर खास नजर रखता है।

क्या ट्रंप की सीधी भागीदारी इस प्लान को दिशा दे सकती है?

अमेरिका इस समय अबू धाबी में रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत में लगा हुआ है। इस मीटिंग को भी इस नए प्लान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ज़ेलेंस्की ने अपने सहयोगी देशों को बताया कि यूक्रेन पहले ही जिनेवा में तैयार किए गए फ्रेमवर्क को टेबल पर रख चुका है और वह संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और राष्ट्रपति ट्रंप की सीधी भागीदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

जिनेवा फ्रेमवर्क का क्या रोल है और यूरोप क्यों जरूरी है?

ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि वे ट्रंप से सीधे मिलने के लिए तैयार हैं ताकि उन “संवेदनशील बिंदुओं” पर विस्तृत बातचीत की जा सके, जिन पर सहमति बननी अभी बाकी है। इसी के साथ उन्होंने यूरोपीय नेताओं से भी अपील की कि वे इस बातचीत में शामिल हों, क्योंकि यूरोप से जुड़े सुरक्षा फैसलों में यूरोप की मौजूदगी जरूरी है। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि यह नया US प्लान कब सामने आएगा और क्या यह सच में युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता खोल पाएगा। दस्तावेज़ का पब्लिश न होना, इसके मुद्दों का गुप्त रहना और रूस की प्रतिक्रिया-ये सभी पहलू इस स्थिति को और भी रहस्यमय बना देते हैं।