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Sawan: झारखंड के इस मंदिर में गंगा करती है शिवलिंग का अभिषेक, अंग्रेजों ने की थी इसकी खोज

हमारे देश में भगवान शिव (Shiva) के अनेक चमत्कारिक मंदिर हैं। हर एक मंदिर के साथ अलग-अलग मान्यताएं जुड़ी हैं। ये मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र हैं।  ऐसा ही एक मंदिर झारखंड (Jharkhand) के रामगढ़ (Ramgarh) में भी है। इस मंदिर की विशेषता है कि यहां शिवलिंग (Shivling) पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं। यहां जलाभिषेक साल के बारह महीने और चौबीस घंटे प्राकृतिक रूप से होता है। यहां दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते हैं।

Sawan know about Tuti Jharna Mandir of Jharkhand
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Ujjain, First Published Aug 2, 2021, 10:48 AM IST
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उज्जैन. मान्यता है कि इस स्थान का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। इस प्राचीन शिव मंदिर को लोग टूटी झरना (Tuti jharna) के नाम से जानते है।

अंग्रेजों की खोज है ये मंदिर
इस मंदिर का इतिहास 1925 से जुड़ा हुआ है। प्रचलित है कि जब अंग्रेज इस इलाके में रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे, तब खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के अन्दर कुछ गुम्बदनुमा चीज दिखाई पड़ा। अंग्रेजों ने इस बात को जानने के लिए पूरी खुदाई करवाई तो ये मंदिर पूरी तरह से नजर आया। मंदिर में शिवलिंग मिला और उसके ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा भी। प्रतिमा के नाभी से आपरूपी जल निकलता रहता है जो उनके दोनों हाथों की हथेली से गुजरते हुए शिव लिंग पर गिरता है। मंदिर के अन्दर गंगा की प्रतिमा से स्वंय पानी निकलना अपने आप में एक कौतुहल का विषय है।

नहीं सूखती यहां की नदी
कहा जाता है कि भगवान शंकर के शिवलिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं। यहां लगाए गए दो हैंडपंप भी रहस्यों से घिरे हुए हैं। यहां लोगों को पानी के लिए हैंडपंप चलाने की जरूरत नहीं पड़ती है बल्कि इसमें से अपने-आप हमेशा पानी नीचे गिरता रहता है। वहीं मंदिर के पास से ही एक नदी गुजरती है जो सूखी हुई है लेकिन भीषण गर्मी में भी इन हैंडपंप से पानी लगातार निकलता रहता है।

पूरी होती है हर मुराद
लोग दूर-दूर से यहां पूजा करने आते हैं और साल भर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालुओं का मानना हैं कि टूटी झरना मंदिर में जो कोई भक्त भगवान के इस अदभुत रूप के दर्शन करता है उसकी मुराद पूरी होती है। भक्त शिवलिंग पर गिरने वाले जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और इसे अपने घर ले जाकर रख लेते हैं।

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