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Vivah Panchami 2021: पति-पत्नी के बीच होगी ऐसी अंडरस्टैंडिंग तो हमेशा हैप्पी रहेगी मैरिड लाइफ

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है त्रेतायुग में इसी तिथि पर भगवान श्रीराम और सीता का विवाह संपन्न हुआ था। इस बार ये तिथि 8 दिसंबर, बुधवार को है।

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Ujjain, First Published Dec 6, 2021, 5:23 PM IST
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उज्जैन. आज भी जब आदर्श वैवाहिक जीवन की बात आती है तो सबसे पहले भगवान श्रीराम-सीता का ही नाम लिया जाता है। भले ही भगवान श्रीराम और सीता के वैवाहिक जीवन में अनेक परेशानियां आईं लेकिन उनका जीवन आदर्श वैवाहिक जीवन के रूप में देखा जाता है। श्रीराम और सीता के जीवन में लाइफ मैनेजमेंट के अनेक टिप्स छिपे हैं, जो आज भी प्रासंगिक हैं। आज हम आपको श्रीराम-सीता के जीवन के ऐसा प्रसंग बता रहे है, जिसे समझकर आप अपना वैवाहिक जीवन भी सुखमय बना सकते हैं।

जब बिना कुछ कहे ही देवी सीता ने समझ ली श्रीराम की बात
जब श्रीराम, सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए निकले तो रास्ते में उन्हें गंगा नदी पार करना थी। तब नाव के केवट ने श्रीराम के पैर पखारने की बाद कही तो श्रीराम भी इस बात के राजी हो गए। केवट ने श्रीराम के पैर धोए। इसके बाद केवट ने श्रीराम, लक्ष्मण, सीता को अपनी नाव में बैठाकर गंगा नदी पार करवा दी। गंगा नदी के दूसरे किनारे पर पहुंचकर श्रीराम और सभी नाव से उतर गए, तब श्रीराम के मन में कुछ संकोच हुआ। इस संबंध में श्रीराम चरित मानस में लिखा है कि -

पिय हिय की सिय जाननिहारी। मनि मुदरी मन मुदित उतारी।।
कहेउ कृपाल लेहि उतराई। केवट चरन गहे अकुलाई।।

इस दोहे का अर्थ यह है कि जब सीता ने श्रीराम के चेहरे पर संकोच के भाव देखे तो सीता ने तुरंत ही अपनी अंगूठी उतारकर उस केवट को भेंट स्वरूप देनी चाही, लेकिन केवट ने अंगूठी नहीं ली। केवट ने कहा कि वनवास पूरा करने के बाद लौटते समय आप मुझे जो भी देंगे मैं उसे प्रसाद स्वरूप स्वीकार कर लूंगा।

ये है सुखी वैवाहिक जीवन का रहस्य
1.
जब सीता ने श्रीराम के चेहरे पर संकोच के भाव देखे तो उन्होंने समझ लिया कि वे केवट को कुछ भेंट देना चाहते हैं, लेकिन उनके पास देने के लिए कुछ नहीं था। यह बात समझते ही सीता ने अपनी अंगूठी उतारकर केवट को देने के लिए आगे कर दी।
2. यह प्रसंग बताता है कि पति और पत्नी के बीच ठीक इसी प्रकार की समझ होनी चाहिए। जब दोनों के बीच प्रेम गहरा होता है तो कुछ बताने के लिए शब्दों की आवश्यकता नहीं होती, जीवन साथी के हाव-भाव को देखकर ही उसकी भावनाएं समझी जा सकती हैं। 

 

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