
NEET UG 2024 SC Hearing: नीट यूजी एग्जाम अनियमिता मामले में परीक्षा रद्द करने की मांग सहित विभिन्न 38 याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने की। कोर्ट में जहां याचिकाकर्ता दोबारा परीक्षा कराने की मांग पर अड़े रहे वहीं सरकार और एनटीए इसके खिलाफ दलील देते रहे। दलीले सुनने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि वे मामले में पूरा खुलासा चाहते हैं। उन्होंने 3 पैरामीटर गिनाये और साथ ही कहा क्या दोबारा नीट परीक्षा आयोजित करने की जरूरत है। मामले पर अगली सुनवाई 11 जुलाई, गुरुवार को होगी। वहीं जब एनटीए ने अदालत को सूचित किया कि सीबीआई आरोपों की जांच कर रही है और 6 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, तो सीजेआई ने जवाब दिया कि यानी यह तय है कि पेपर लीक हुआ था।
नीट यूजी परीक्षा दोबारा होगी या नहीं तय करेंगे ये तीन पैरामीटर
कोर्ट ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा होगी या नहीं इस मामले का फैसला तीन मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। 1- अदालत को यह देखना होगा कि क्या कथित उल्लंघन सिस्टम लेवल पर हुआ है। 2- क्या उल्लंघन से पूरी परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता प्रभावित हुई और 3- धोखाधड़ी के लाभार्थी छात्रों को बेदाग छात्रों से अलग करना संभव है या नहीं।
निर्णय लेने से पहले समझना जरूरी कि लीक किस लेवल तक हुआ
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को NEET-UG 2024 की दोबारा परीक्षा के संबंध में याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लेने से पहले, हमें लीक किस लेवल तक हुआ इसकी गहराई समझने की जरूरत है क्योंकि मामला 23 लाख छात्रों से जुड़ा है।
धोखाधड़ी के लाभार्थी छात्रों को बेदाग छात्रों से अलग करना संभव है या नहीं
सीजेआई ने कहा कि कोर्ट को जांचने की जरूरत है कि क्या धोखाधड़ी के लाभार्थी छात्रों को बेदाग छात्रों से अलग करना संभव है यदि ऐसा संभव नहीं है, तो दोबारा नीट परीक्षा आयोजित करने की आवश्यकता है। वहीं यदि दागी उम्मीदवारों की पहचान हो जाती है तो दोबारा परीक्षा की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दोबारा हुई परीक्षा तो खर्च समेत पड़ेगा एकेडमिक व्यवस्था पर असर
एनईईटी यूजी परीक्षा की दोबारा परीक्षा की मांग पर सीजेआई ने कहा, परीक्षा में अलग-अलग आर्थिक वर्ग के छात्र शामिल होते हैं। दोबारा परीक्षा आयोजित होने पर उनके खर्च, ट्रैवल की परेशानी के साथ की एकेडमि अव्यवस्था की चिंता भी है। लीक की प्रकृति क्या है? लीक कैसे हुआ था? गलत काम के लाभार्थी छात्रों की पहचान करने के लिए केंद्र और एनटीए ने क्या किया है? चीफ जस्टिस ने इन सभी सवालों के जवाब मांगे हैं। वहीं नीट यूजी परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे याचिका कर्ता के वकील से भी कहा है कि अगली सुनवाई में पूरी डिटेल बताईये कि नीट परीक्षा दोबारा क्यों कराई जाये।
नीट यूजी रिजल्ट टॉपर लिस्ट, ग्रेस मार्क्स पर देशभर में हुए प्रदर्शन, विरोध
बता दें कि 4 जून को नीट रिजल्ट घोषित होने के बाद से ही पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स देने में विसंगतियों सहित अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे भारत में छात्रों, संगठनों, कोचिंग संस्थान ही नहीं विपक्ष ने भी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक आक्रोश दिखाया। आश्चर्यजनक रूप से नीट यूजी 2024 रिजल्ट में 67 छात्रों ने पूर्ण 720 अंक प्राप्त किए, जिसमें छह टॉप स्कोरर हरियाणा के एक ही केंद्र से होने से अनियमितताओं का संदेह उत्पन्न हुआ। नतीजे तय तारीख से 10 दिन पहले 4 जून को घोषित किए गए थे। फिर ग्रेस मार्क्स का मामला सामने आया हालांकि इस सुनवाई से पहले ग्रेस मार्क्स को रद्द कर दिया गया और 1563 छात्रों के लिए दोबारा नीट परीक्षा भी आयोजित की गई।
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