Mahashivratri 2025: इस बार महाशिवरात्रि 26 फरवरी, बुधवार को है। इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से की जाती है। शिवपुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों की कथा भी मिलती है।
Myths related to Lord Shiva: भगवान शिव ने भी समय-समय पर अनेक अवतार लिए हैं। इन अवतारों के बारे में शिवपुराण में बताया गया है। महादेव के इन अवतारों के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। खास बात तो ये है शिवजी के इन अवतारों में से 3 अवतार आज भी जीवित हैं। इन 3 में से 2 अवतार तो वरदान के कारण और 2 श्राप के कारण जीवित हैं। महाशिवरात्रि (26 फरवरी) के मौके पर जानें शिव के इन 3 अवतारों के बारे में…
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भगवान शिव के अवतारों में सबसे पहले हनुमानजी का नाम आता है। इन्हें कलयुग का जीवंत देवता कहा जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, हनुमानजी आज भी उत्तराखंड के बद्रीनाथ के जंगलों में निवास करते हैं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, हनुमानजी को अमरता का वरदान देवी सीता ने दिया था। मान्यता है कि जहां भी राम कथा होती है, वहां हनुमानजी जरूर आते हैं।
महाभारत के अनुसार, कृपाचार्य पांडवों और कौरवों के कुलगुरु थे। शिव के एक रुद्र ने ही कृपाचार्य के रूप में अवतार लिया था। मान्यता के अनुसार, कृपाचार्य को भगवान परशुराम ने अमरता का वरदान दिया था। महाभारत युद्ध में कृपाचार्य ने कौरवों की ओर से युद्ध किया था। कौरव पक्ष के अंतिम जो 3 योद्धा बचे थे, कृपाचार्य भी इनमें से एक थे।
महाभारत के अनुसार, अश्वत्थामा गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र हैं। ये काल, क्रोध, यम और रुद्र का संयुक्त अवतार हैं। महाभारत युद्ध में इन्होंने कौरवों का साथ दिया था और यही इनके अंतिम सेनापति भी थे। अश्वत्थामा ने छल से पांडवों को पुत्रों का वध कर दिया था, जिससे क्रोधित होकर श्रीकृष्ण ने इन्हें कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर भटकने का श्राप दिया था। इसलिए इन्हें आज भी जीवित माना जाता है।
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