Mahashivratri 2025: क्यों मनाते हैं महाशिवरात्रि ? जानें 1 नहीं 2 कारण

Published : Feb 16, 2025, 10:41 AM IST
mahashivratri 2025

सार

Mahashivratri 2025 Kab Hai: महाशिवरात्रि भगवान शिव से संबंधित सबसे बड़ा त्योहार है। हर साल ये त्योहार बहुत ही श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 26 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर्व क्यों मनाते हैं इसके पीछे 2 कारण है। 

Mahashivratri Kyo Manate Hai: हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 26 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव से संबंधित हैं। इस दिन लोग शिवजी को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते हैं। प्रमुख शिव मंदिरों में इस दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। महाशिवरात्रि पर्व क्यों मनाते हैं, इसके पीछे कईं मान्यताएं जुड़ी हैं। आगे जानिए इस पर्व से जुड़ी 2 मान्यताएं…

महाशिवरात्रि पर 60 साल बाद दुर्लभ संयोग, महादेव की पूजा से दूर होंगे ग्रहों के दोष

इस दिन ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे भगवान शिव

- शिवपुराण के अनुसार, एक बार ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु में इस बात पर विवाद हो गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है? जब ये विवाद चल रहा था, उसी समय वहां अग्नि रूप में एक विशाल शिवलिंग प्रकट हुआ और आकाशवाणी हुई कि ‘जो भी इस शिवलिंग के छोर पता कर लेगा, वही श्रेष्ठ होगा।‘
- छोर ढूंढने के लिए भगवान विष्णु ज्योतिर्लिंग के नीचे की ओर गए जबकि ब्रह्मदेव ऊपर की ओर। कईं वर्षों तक कोशिश करने के बाद भी वे दोनों ज्योतिर्लिंग के छोर का पता नहीं लगा पाए। लेकिन विष्णुजी के सामने ब्रह्मदेव ने झूठ बोल दिया कि ‘मैंने इस ज्योतिर्लिंग का छोर ढूंढ लिया है।’
- तभी वहां महादेव प्रकट हुए और बोले ‘ये ज्योतिर्लिंग मेरा ही स्वरूप है।’ ब्रह्मा के झूठ बोलने पर शिवजी उनकी पूजा न होने का श्राप दिया और सत्यता के लिए भगवान विष्णु की प्रशंसा की।
- शिवजी ने कहा कि ‘जो व्यक्ति फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मेरी पूजा करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।’ तभी से महाशिवरात्रि का पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है।

एक मान्यता ये भी

अनेक स्थानों पर महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव और पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही शिव-पार्वती विवाह हुआ था। उज्जैन के महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर शिव नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इन 9 दिनों में भगवान शिव का दूल्हे के रूप में श्रृंगार किया जाता है और हल्दी व मेहंदी भी लगाई जाती है।


ये भी पढ़ें-

2 दिन रहेगी फाल्गुन मास की अमावस्या, जानें कब करें श्राद्ध, कब स्नान-दान?


हनुमानजी के 8 सबसे वायरल भजन, सुनते ही रोंगटे खड़े हो जांएगे


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi
Read more Articles on

Recommended Stories

Mahashivratri ki Hardik Shubhkamnaye: शिव सत्य हैं, शिव अनंत हैं... अपनों को भेजें बेस्ट हैप्पी महाशिवरात्रि विशेज
Happy Mahashivratri 2026 Wishes: ओम नमः शिवाय के साथ भेजें भक्ति संदेश