19 जुलाई, बुधवार को पहले पुष्य नक्षत्र होने से मातंग नाम का शुभ योग और इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र होने से राक्षस नाम का अशुभ योग दिन भर रहेगा। इनके अलावा इस दिन वज्र और सिद्धि नाम के 2 अन्य योग भी रहेंगे। राहुकाल दोपहर 12:33 से 2:12 तक रहेगा। 

उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे सौर मंडल में 9 ग्रह हैं जो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से हमें प्रभावित करते हैं। ये ग्रह समय-समय पर राशि बदलते हैं और इनके गति के कारण ही हमारी लाइफ पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ते हैं। ग्रह और नक्षत्रों से संबंधित पूरी जानकारी पंचांग से पता की जा सकती है। आगे पंचांग से जानिए आज कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे, कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा और राहु काल व अभिजीत मुहूर्त का समय…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

19 जुलाई का पंचांग (Aaj Ka Panchang 19 July 2023)
19 जुलाई 2023, दिन बुधवार को श्रावण अधिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि पूरे दिन रहेगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र सुबह 08 बजे तक रहेगा, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। बुधवार को पहले पुष्य नक्षत्र होने से मातंग नाम का शुभ योग और इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र होने से राक्षस नाम का अशुभ योग दिन भर रहेगा। इनके अलावा इस दिन वज्र और सिद्धि नाम के 2 अन्य योग भी रहेंगे। राहुकाल दोपहर 12:33 से 2:12 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
बुधवार को मंगल और शुक्र सिंह राशि में, सूर्य, चंद्रमा और बुध कर्क राशि में, गुरु और राहु मेष राशि में, शनि कुंभ राशि में, केतु तुला राशि में रहेंगे। बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि निकलना पड़े तो तिल या धनिया खाकर घर से बाहर निकलें।

19 जुलाई के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2080
मास पूर्णिमांत- श्रावण अधिक मास
पक्ष- शुक्ल
दिन- बुधवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- पुष्य और आश्लेषा
करण- बालव और कौलव
सूर्योदय - 5:55 AM
सूर्यास्त - 7:10 PM
चन्द्रोदय - Jul 19 6:57 AM
चन्द्रास्त - Jul 19 8:38 PM
अभिजीत मुहूर्त – नहीं है
अमृत काल – नहीं है
ब्रह्म मुहूर्त - 04:19 AM – 05:07 AM

19 जुलाई का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 7:34 AM – 9:14 AM
कुलिक - 10:53 AM – 12:33 PM
दुर्मुहूर्त - 12:06 PM – 12:59 PM
वर्ज्यम् - 10:20 PM – 12:08 AM


ये भी पढ़ें-

Adhik Maas 2023: अधिक मास न हो तो क्या होगा? जानकर चकरा जाएगा आपका दिमाग


Adhik Maas Ki Katha: अधिक मास को भगवान विष्णु ने क्यों दिया अपना नाम? बहुत रोचक है ये कथा


Adhik Maas 2023: अधिक मास में खरीदी के 18 शुभ योग, नोट करें डेट्स


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।