21 मार्च, मंगलवार को पहले पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र होने से काण नाम का अशुभ योग और इसके बाद उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र होने से सिद्धि नाम का शुभ योग बनेगा। इनके अलावा शुभ और शुक्ल नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल दोपहर 3:34 से शाम 5:04 तक रहेगा। 

उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र में कुल 16 तिथियां बताई गई हैं। इनमें से एक से लेकर 14 तक की तिथियां तो दोनों पक्षों (शुक्ल और कृष्ण ) में समान होती है। कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहते हैं। एक साल में कुल 12 अमावस्या तिथियां आती हैं। एक तिथि के स्वामी पितृ देवता हैं। इसलिए इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष उपाय आदि किए जाते हैं। आगे पंचांग से जानिए आज कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे, कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा और राहु काल व अभिजीत मुहूर्त का समय…

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चैत्र मास की अमावस्या आज
हिंदू पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या होती है। इस बार चैत्र अमावस्या तिथि 21 मार्च, मंगलवार को है। इसे भूतड़ी अमावस्या कहते हैं। मंगलवार को अमावस्या तिथि होने से ये भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी। ये हिंदू वर्ष का अंतिम दिन होता है। इसके अगले दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ होता है। धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। कई तीर्थ स्थानों पर इस दिन धार्मिक मेलों का आयोजन भी किया जाता है।

21 मार्च का पंचांग (Aaj Ka Panchang 21 March 2023)
21 मार्च 2023, दिन मंगलवार को चैत्र अमावस्या तिथि पूरे दिन रहेगी। मंगलवार को अमावस्या तिथि होने से ये भौमी अमावस्या कहलाएगी। इसे भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं। मंगलवार को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शाम 05.25 तक रहेगा, इसके बाद उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। मंगलवार को पहले पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र होने से काण नाम का अशुभ योग और इसके बाद उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र होने से सिद्धि नाम का शुभ योग बनेगा। इनके अलावा शुभ और शुक्ल नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल दोपहर 3:34 से शाम 5:04 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
मंगलवार को चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन में प्रवेश करेगा। इस राशि में पहले से ही बुध, सूर्य और गुरु ग्रह स्थित है। इस तरह मीन राशि में 4 ग्रह एक साथ होने से चतुर्ग्रही योग बनेगा। इस दिन मंगल मिथुन राशि में, शनि कुंभ राशि में, केतु तुला राशि में और राहु व शुक्र मेष राशि में रहेंगे। मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि निकलना पड़े तो गुड़ खाकर यात्रा पर जाना चाहिए।

21 मार्च के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- चैत्र
पक्ष- कृष्ण
दिन- मंगलवार
ऋतु- वसंत
नक्षत्र- पूर्वाभाद्रपद और उत्तरा भाद्रपद
करण- चतुष्पद और नाग
सूर्योदय - 6:34 AM
सूर्यास्त - 6:34 PM
चन्द्रोदय - Mar 21 6:17 AM
चन्द्रास्त - Mar 21 6:23 PM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:11 से 12:59

21 मार्च का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 9:34 AM – 11:04 AM
कुलिक - 12:34 PM – 2:04 PM
दुर्मुहूर्त - 08:58 AM – 09:46 AM और 11:21 PM – 12:09 AM
वर्ज्यम् - 02:16 AM – 03:44 AM



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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।