मर्सिडीज-बेंज के सीईओ ओला कैलेनियस ने कहा है कि ईवी बैटरी में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख खनिजों (minerals) की कमी के कारण वैश्विक ऑटो उद्योग की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ड्राइव में देरी हो सकती है।

ऑटो एंड बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान सेमीकंडक्टर चिप और तमाम दुश्वारियों के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर को मंदी का सामना करना पड़ा है। दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं इस संबंध में Mercedes-Benz CEO का ताजा बयान सामने आया है। मर्सिडीज-बेंज के सीईओ ओला कैलेनियस ने कहा है कि ईवी बैटरी में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख खनिजों (minerals) की कमी के कारण वैश्विक ऑटो उद्योग की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ड्राइव में देरी हो सकती है। कैलेनियस ने बुधवार को जर्मन पब्लिकेशन डाई जैइट को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि खदानों का औद्योगीकरण और रिफाइनरी (industrialization of mines and refinery ) की क्षमता उतनी तेजी से नहीं बढ़ सकती, जितनी तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है। मर्सिडीज-बेंज के सीईओ ने आगे कहा, "अगर आगे भी ये स्थिति बनी रहती है तो भी ई-मोबिलिटी की मांग पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन डिलीवरी में देरी होती रहेगी। 

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ओला केलेनियस का बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऑटो उद्योग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने के लिए जोर दे रहा है। न केवल बड़े पैमाने पर बाजार वाहन निर्माता बल्कि लक्जरी कार ब्रांड भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर जोर देते हैं। कई कारणों से दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी काफी बढ़ रही है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी डिमांड
जीवाश्म ईंधन की बढ़ती कीमत, सरकारों द्वारा लगाए जा रहे उत्सर्जन मानदंडों (tightening emission) को सख्त करना, कार्बन उत्सर्जन के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ना और ग्लोबल वार्मिंग पर इसके प्रभाव जैसे कारणों से ईवीकी तरफ रुझान बढ़ा है। वहीं नई इलेक्ट्रिक कारों की एक बड़ी रेंज भी उपलब्धकराई जा रही है, इस वजह से इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। विश्व स्तर पर ये सभी कारक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री को समग्र रूप से प्रभावित कर रहे हैं।

6.5 मिलियन ईवी वाहनों की हुई बिक्री
ईवी वॉल्यूम की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि electrified cars ने 2021 में दुनिया भर में 6.5 मिलियन से अधिक यूनिट्स की बिक्री की, जिनमें से 11 फीसदी से अधिक प्योर इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अकेले दिसंबर 2021 में, दुनिया भर में 907,000 से अधिक इलेक्ट्रिक कारें बेची गईं हैं।

आपूर्ति अभी भी बड़ी समस्या
वाहन निर्माताओं के लिए मांग पॉजिटिव साइन है। हालांकि कंपनियों के लिए आपूर्ति अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। वहीं सबसे मुख्य समस्या प्रमुख खनिज भंडार की कमी है जिसका उपयोग ईवी बैटरी बनाने के लिए किया जाता है। साथ ही, बेहतर बैटरी तकनीक का विकास इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास की तुलना में धीमा है। इसलिए, मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना आने वाले वर्षों में वाहन निर्माताओं के लिए एक कठिन काम हो सकता है।

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