नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश दो गुटों में बंट गया है। कोई इस बिल को सपोर्ट कर रहा है तो कोई इसके खिलाफ है। देशभर के तमाम कॉलेजों में इस बिल को लेकर स्टूडेंट्स द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में दिल्ली में स्थित जमिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज में भी जमकर तोड़फोड़ हुई है। 

मुंबई. नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश दो गुटों में बंट गया है। कोई इस बिल को सपोर्ट कर रहा है तो कोई इसके खिलाफ है। देशभर के तमाम कॉलेजों में इस बिल को लेकर स्टूडेंट्स द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में दिल्ली में स्थित जमिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज में भी जमकर तोड़फोड़ हुई है। छात्रों ने पुलिस पर बर्बर कार्रवाई के आरोप लगाए। वही, कुछ लोगों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच टकराव हुआ। ऐसे में जावेद अख्तर ने स्टूडेंट्स की पिटाई पर इसकी कड़ी निंदा की। 

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जावेद अख्तर अपनी बात पर हुए ट्रोल

जावेद अख्तर ने ट्वीटकर लिखा, 'लॉ ऑफ लैंड के मुताबिक, किसी भी परिस्थिति में पुलिस किसी भी यूनिवर्सिटी के कैंपस में यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की इजाजत के बिना नहीं घुस सकती। जामिया कैंपस में बिना इजाजत घुसकर पुलिस ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जो हर यूनिवर्सिटी के लिए एक खतरा है।' जावेद अपने इस ट्वीट के बाद ट्रोल हो गए। एक यूजर ने लिखा, देश की पुलिस बिना परमिशन नहीं घुस सकती कानून इसकी इजाजत नहीं देता, फिर देश मे बिना परमिशन घुसे घुसपैठियों को कानून क्यों इजाजत दे ?? जो ये सब कुछ हो रहा है वो क्यों हो रहा है? बसों में आग लगाना, सड़कें जाम करना, पत्थर बाजी करना कानूनी है? दूसरे यूजर ने लिखा, छात्रों को पढ़ाई करनी चाहिए ना कि राजनीति में घुसना। देश के विरोधी नारे लगाएंगे, देश की सरकारी संपत्ति और लोगों को नुकसान पहुंचाएंगे तो क्या पुलिस उन्हें छोड़ देगी ? 

मनोज वाजपेयी ने छात्रों को किया सपोर्ट

मनोज वाजपेयी ने छात्रों के सपोर्ट में लिखा, एक ऐसा वक्त आता है जब हम अनन्या को रोकने के लिए शक्तिहीन हो जाते हैं लेकिन किसी भी समय ऐसा नहीं होना चाहिए कि जब हम विरोध करने में असफल हों। विरोध करने के लिए छात्रों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ हूं। मैं छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं। 

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आयुष्मान खुराना ने भी किया स्टूडेंट्स को सपोर्ट

आयुष्मान खुराना ने ट्वीट कर लिखा है, 'जिन हालात से छात्र गुजरे हैं मुझे उस पर गहरा दुख है। मैं इस बात की कड़ी निंदा करता हूं। हम सभी को अपनी अभिव्यक्ति की मौलिक स्वतंत्रता का विरोध और प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि प्रदर्शन को उग्र नहीं होना चाहिए था, ना ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाना चाहिए था। यह प्रतिकूल है। प्रिय देशवासियों यह गांधी जी की धरती है। अभिव्यक्ति का रास्ता अहिंसा ही होना चाहिए। लोकतंत्र में विश्वास रखें।'

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अजय देवगन ने भी कही ये बात

अजय देवगन हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे इस जामिया वाले मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसके पक्ष और विपक्ष में जाने से साफ इनकार कर दिया। अजय ने कहा कि वो इस पर सिर्फ यही कहना चाहेंगे कि लोगों को अपने विचार रखने चाहिए इस पर बहस होगी। लेकिन हिंसा नहीं होनी चाहिए। मुद्दों को बातचीत से सुलझा लेना चाहिए। हिंसा करने से केवल अपना ही नुकसान होता है। 

रजनीकांत ने जामिया में चल रहे विरोध पर कही ये बात

रजनीकांत हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म 'दरबार' का ट्रेलर लॉन्चिंग इवेंट में पहुंचे। उन्होंने वहां अपनी फिल्म को लेकर मीडिया से बातचीत की। लेकिन, इसी बीच रजनीकांत से जामिया में चल रहे विरोध को लकेर सवाल किया गया कि इस पर वो क्या कहना चाहेंगे? तो उन्होंने इस पर अपनी कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा था। वो इस मामले को लेकर दूसरे मंच पर अपनी बात रखेंगे। लेकिन, अभी यहां सिर्फ फिल्म से जुड़ी बातें करेंगे। बता दें, रजनीकांत हिंदी फिल्म जगत में 'दरबार' से 25 साल बाद वापसी करने जा रहे हैं।