5जी स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगनी शुरू हो चुकी है। इसमें रिलायंस जियो ने पहले ही अन्य कंपनियों के मुकाबले अधिक एडवांस मनी दे दिया है। इससे कंपनी की मंशा जाहिर हो चुकी है। बोली प्रक्रिया शाम 6 बजे तक चलेगी। 

बिजनेस डेस्कः 5जी स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी प्रक्रिया 26 जुलाई से शुरू हुई। पहले दिन 1.45 लाख करोड़ रुपए की बोली लग चुकी है। आगे की प्रक्रिया 27 जुलाई को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। रिलायंस जियो व भारती एयरटेल समेत चार कंपनियां बोली लगा रही हैं। इस दौरान 4.3 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 72 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिए बोलियां लग रही हैं। बोली प्रक्रिया मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई। यह प्रक्रिया शाम 6 बजे तक चली। दूरसंचार विभाग के मुताबिक बोलियों और बोलीकर्ताओं की रणनीति पर निर्भर करेगा कि नीलामी प्रक्रिया कितने दिन चलेगी। नीलामी के दौरान 4.3 लाख करोड़ रुपए के कुल 72 GHz स्पेक्ट्रम को ब्लॉक पर रखा जाएगा। इसकी वैलिडिटी 20 साल की होगी।

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इंटरनेट सर्विस हो जाएगा फास्ट
नीलामी विभिन्न लो फ्रीक्वेंसी बैंड, मीडियम और हाई फ्रीक्वेंसी बैंड रेडियो वेव्स के लिए होगी। जिस कंपनी को इसका मालिकाना हक मिलेगा वही कंपनी 5G सर्विस मुहैया करा सकेंगी। यह मौजूदा 4G सर्विस से 10 गुना ज्यादा तेज होगी। इंटरनेट सर्विस काफी फास्ट हो जाएगा। 

रिलायंस ने किया सबसे ज्यादा डिपॉजिट
कुछ दिनों पहले 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में हिस्सा लेने के लिए रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अडाणी डेटा नेटवर्क्स ने एडवांस मनी जमा की थी। रिलायंस के इरादे काफी मजबूत लग रहे थे। रिलायंस की एडवांस मनी भारती एयरटेल की राशि से 2.5 गुना और वोडाफोन आइडिया से 6.3 गुना ज्यादा है। अडाणी डेटा नेटवर्क्स की जमा राशि से 140 गुना ज्यादा रिलायंस ने रुपए एडवांस दिए। 

अडाणी ने जमा किए 100 करोड़ रुपए
टेलीकॉम डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर प्री-क्वालिफाइड बिडर्स की लिस्ट पोस्ट की गई है। उसके अनुसार वोडाफोन आइडिया ने 2,200 करोड़ रुपए, भारती एयरटेल ने 5,500 करोड़ रुपए, अडाणी डेटा नेटवर्क्स ने 100 करोड़ रुपए और रिलायंस जियो ने 14000 करोड़ रुपए जमा किए हैं। यह दर्शाता है कि अडाणी नीलामी के दौरान केवल कम कीमत वाले स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगा सकते हैं।

जिये के सबसे ज्यादा प्वाइंट
रिलायंस जियो की एलिजिबिलिटी प्वाइंट (eligibility points) 1,59,830 हैं। यह प्वाइंट चारों बिडर्स की लिस्ट में सबसे ज्यादा हैं। एयरटेल के एलिजिबिलिटी पॉइंट 66,330 हैं। वोडाफोन आइडिया के 29,370 हैं और अडाणी को 1,650 पॉइंट मिले हैं।

बोली में इन कंपनियों के दबदबे की संभावना
रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अडाणी ग्रुप बोली प्रक्रिया में एक दूसरे को टक्कर दे सकते हैं। चारों कंपनियों ने कुल 21,800 करोड़ रुपए एडवांस जमा कर दिए हैं। इस एडवांस मनी के जरिए कंपनी 2.3 ट्रिलियन रुपए (कुल राशि का 53%) के स्पेक्ट्रम की बोली लगा सकते हैं। इंडस्ट्री एनालिस्टों के मुताबिक सभी बैंडों में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स दिल खोल के बोली नहीं लगा सकते हैं। सबकी नजर अलग-अलग बैंड में होगी। 

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