8th CPC Pension: क्या 2026 से पहले रिटायर लोगों को नहीं मिलेगा फायदा? ToR नियम 2(e) पर 69 लाख पेंशनर्स में असमंजस है। अब PM मोदी तक मामला पहुंचा है। जानें पूरा विवाद।
8th Pay Commission Pension: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। चेन्नई के बाद आयोग की टीम अब पुडुचेरी में कर्मचारियों और यूनियनों के साथ बैठकें कर रही है। लेकिन इन सबके बीच देश के करीब 69 लाख पेंशनर्स और उनके परिवारों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके लोगों की पेंशन 8वें वेतन आयोग में नहीं बढ़ेगी? इस असमंजस को लेकर पेंशनर्स संगठनों ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भेजकर नियमों में बदलाव की गुहार लगाई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और वेतन आयोग पर अभी क्या है लेटेस्ट अपडेट्स...
पुडुचेरी में बैठकों का दौर, लेकिन पेंशनर्स क्यों हैं परेशान?
7 और 8 सितंबर को चेन्नई के आईटीसी ग्रैंड चोल में अहम बैठकों के बाद, आयोग पुडुचेरी में सर्विस कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की समीक्षा के लिए चर्चा कर रहा है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बीच पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने एक गंभीर मुद्दा उठा दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों की भाषा ने लाखों बुजुर्ग पेंशनर्स की नींद उड़ा दी है।
नियम 2(e) पर फंसा पेंच, आखिर क्या है विवाद?
विवाद की मुख्य जड़ 8वें वेतन आयोग के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) का पॉइंट 2(e) है। इस नियम में कर्मचारियों के रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और पेंशन (NPS, UPS और गैर-NPS) के ढांचे की समीक्षा की बात तो लिखी गई है। लेकिन इसमें कहीं भी साफ शब्दों में यह नहीं लिखा है कि जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं, उनकी पेंशन भी नए वेतन आयोग के तहत रिवाइज की जाएगी या नहीं। इसी अस्पष्टता की वजह से 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स में यह डर बैठ गया है कि कहीं उन्हें इस नए पे-कमीशन के लाभ से बाहर न कर दिया जाए।
पिछले वेतन आयोगों में क्या था नियम?
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में याद दिलाया है कि पहले के सभी वेतन आयोगों में स्थिति पूरी तरह साफ थी। 7वें वेतन आयोग के ToR में बाकायदा साफ लिखा था कि पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन और रिटायरमेंट बेनेफिट्स को रिवाइज किया जाएगा। 5वें और 6वें वेतन आयोगों के नियमों में भी पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का साफ तौर से जिक्र था। लेकिन 8वें वेतन आयोग के नियमों में इस स्पष्टता का न होना पेंशनर्स को परेशान कर रहा है।
वित्त मंत्रालय से नहीं मिला जवाब, अब PM मोदी से गुहार
एसोसिएशन के मुताबिक, उन्होंने पहले वित्त मंत्री और वित्त सचिव से संपर्क कर इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा था। जब वहां से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया, तो सोशल मीडिया और पेंशनर्स ग्रुप्स में चर्चाएं और चिंताएं बढ़ गईं। इसी वजह से 7 सितंबर को सीधे प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर यह मांग की गई कि नियमों (ToR) में तुरंत संशोधन किया जाए। आधिकारिक तौर पर यह जोड़ा जाए कि 1 जनवरी 2026 से पहले के सभी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की पेंशन रिवाइज होगी। जब तक औपचारिक बदलाव नहीं होता, सरकार तुरंत एक प्रेस नोट जारी कर स्थिति साफ करे।


