8th CPC Salary Hike: क्या बेसिक सैलरी में ₹50,000 से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी? फिटमेंट फैक्टर, 67% DA और नए पे-मैट्रिक्स पर बैठकों का पूरा कैलकुलेशन आसान तरह से समझिए।
8th Pay Commission Latest News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। अगर फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों की मांग मानी जाती है, तो बेसिक सैलरी में ₹50,000 से ज्यादा का बंपर इजाफा देखने को मिल सकता है। जानिए क्या है ताजा अपडेट्स और फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या चल रहा है...
8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर शुरू
8वें वेतन आयोग के नए पे-मैट्रिक्स और सिफारिशों को लेकर बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है। 7 सितंबर को चेन्नई से शुरू हुआ ये मंथन पुडुचेरी, चंडीगढ़ और बेंगलुरु तक चलेगा। इस पूरी कवायद का असर देश के 1.13 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर पड़ने वाला है। उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारों (दशहरा-दिवाली) के आसपास सरकार की तरफ से कोई बड़ा संकेत मिल सकता है, जबकि इसे 2027 की पहली छमाही में लागू किए जाने की संभावना है।
फिटमेंट फैक्टर का नया कैलकुलेशन
वेतन आयोग में बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी, ये सिर्फ और सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही तय करता है। 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 और न्यूनतम पेंशन ₹9,000 तय की गई थी। अब 8वें वेतन आयोग के तहत अलग-अलग फॉर्मूलों और मांगों के हिसाब से सैलरी में इस तरह बढ़ोतरी हो सकती है...
1.92 फिटमेंट फैक्टर (शुरुआती या न्यूनतम अनुमान)
अगर सरकार सबसे कम अनुमानित फॉर्मूले को मंजूरी देती है, तो लेवल-1 कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹34,560 हो जाएगी। इसमें हर महीने ₹16,560 की सीधी बढ़ोतरी दर्ज होगी।
2.15 फिटमेंट फैक्टर (सामान्य अनुमान)
आर्थिक जानकारों के इस सामान्य अनुमान के तहत बेसिक सैलरी बढ़कर ₹38,700 प्रति माह पर पहुंचेगी। इससे कर्मचारियों के मूल वेतन में हर महीने ₹20,700 का इजाफा होगा।
2.57 फिटमेंट फैक्टर (7वें वेतन आयोग जैसा मध्यम स्तर)
अगर सरकार पिछले वेतन आयोग के 2.57 वाले फॉर्मूले को ही दोहराती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹46,260 हो जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों को हर महीने ₹28,260 की सैलरी ग्रोथ मिल सकती है।
2.86 फिटमेंट फैक्टर (हाई लेवल का अनुमान)
अगर महंगाई और बढ़ते खर्चों को ध्यान में रखते हुए ऊपरी स्तर का पैमाना चुना गया, तो बेसिक पे उछलकर ₹51,480 पर पहुंच सकता है। इससे हर महीने ₹33,480 की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
3.83 फिटमेंट फैक्टर (कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांग)
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर 3.83 तय किया जाए। अगर यह मांग मान ली जाती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹68,940 हो सकती है यानी हर महीने सीधे ₹50,940 का रिकॉर्ड इजाफा हो सकता है।
महंगाई भत्ता (DA) 67% तक जाने का अनुमान
सैलरी के साथ-साथ महंगाई भत्ते (DA) में भी बड़ा उछाल तय माना जा रहा है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) का आंकड़ा जनवरी के 148.6 से बढ़कर जुलाई में 153.2 पर पहुंच चुका है। अगर यह ट्रेंड बना रहता है, तो तय फॉर्मूले के मुताबिक 1 जनवरी 2027 से DA बढ़कर करीब 66% से 67% के स्तर को छू सकता है।
बोनस की लिमिट ₹7,000 से ₹21,000 करने की मांग
कर्मचारी संगठन (NC-JCM Staff Side) ने सरकार के सामने बोनस का दायरा बढ़ाने की मांग भी मजबूती से रखी है। मौजूदा समय में बोनस की गणना ₹7,000 की सीलिंग पर होती है। यूनियनों का कहना है कि महंगाई को देखते हुए इसे 3 गुना बढ़ाकर कम से कम ₹21,000 किया जाना चाहिए, जिससे नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को त्योहारों पर मिलने वाली रकम में बड़ा इजाफा हो सके।
पेंशनर्स के लिए OROP और 67% पेंशन का प्रस्ताव
सिर्फ नौकरीपेशा ही नहीं, रिटायर हो चुके पेंशनर्स के लिए भी बड़ी राहत की मांग की गई है। सिविलियन पेंशनर्स को भी सेना की तर्ज पर 'वन रैंक, वन पेंशन' (OROP) का लाभ देने की बात उठाई गई है। इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) के तहत आखिरी बेसिक सैलरी का 50% मिलने वाली पेंशन को बढ़ाकर 67% करने का सुझाव भी आयोग के सामने रखा गया है।


