ऑस्ट्रेलिया की सबसे अमीर महिला गीना राइनहार्ट 13 साल पुरानी कानूनी लड़ाई हार गई हैं। कोर्ट ने उन्हें अपनी माइनिंग कंपनी के मुनाफे का हिस्सा अपने दो बच्चों और पिता के बिजनेस पार्टनर्स के बच्चों के साथ बांटने का आदेश दिया है।

वर्ल्ड न्यूजः दशकों तक चली एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ऑस्ट्रेलिया की सबसे अमीर महिला गीना राइनहार्ट को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि उन्हें अपनी अरबों की संपत्ति से होने वाले मुनाफे का हिस्सा परिवार के दूसरे सदस्यों को भी देना होगा। ऑस्ट्रेलिया की नंबर 1 अमीर गीना को अब अपनी माइनिंग कंपनी से होने वाले मुनाफे को दो और परिवारों के साथ बांटना होगा। यह मामला तब शुरू हुआ जब 1992 में गीना ने अपने पिता की खदानों का कंट्रोल संभाला था। ये खदानें पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पिल्बारा इलाके में हैं। गीना के दो बच्चों और उनके पिता के बिजनेस पार्टनर्स के बच्चों ने संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए 13 साल तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

अब इस फैसले के बाद, गीना को ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी लौह अयस्क (iron ore) खदानों से होने वाले मुनाफे का हिस्सा बांटना होगा। यह पूरा विवाद पिल्बारा इलाके की बेहद फायदेमंद खदानों से मिलने वाली रॉयल्टी को लेकर था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि खदानों का मालिकाना हक राइनहार्ट की कंपनी के पास ही रहेगा।

मां के खिलाफ ही बच्चों ने लगाए थे आरोप

यह कानूनी जंग ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े लौह अयस्क प्रोजेक्ट्स में से एक 'होप डाउन्स' पर केंद्रित थी। गीना राइनहार्ट के बच्चों ने आरोप लगाया था कि उनकी मां ने उन्हें मुनाफे से दूर रखने के लिए, इन फायदेमंद खदानों के अधिकार फैमिली ट्रस्ट से निकालकर बिजनेस के दूसरे हिस्से में ट्रांसफर कर दिए थे।

इस फैसले में यह बात अहम साबित हुई कि दशकों पहले इन माइनिंग इलाकों का पता लगाने में पार्टनर्स के परिवारों ने भी भूमिका निभाई थी। कोर्ट ने कहा कि भले ही राइनहार्ट की कंपनी 'हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग' का इन संपत्तियों पर पूरा कंट्रोल है, लेकिन पार्टनर्स के हक को नकारा नहीं जा सकता। आपको बता दें कि सिर्फ पिछले साल ही राइनहार्ट की कंपनी को 832 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर का मुनाफा हुआ था।

यह फैसला गीना राइनहार्ट की कंपनी के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है। अब उन्हें रॉयल्टी के तौर पर इन परिवारों को करोड़ों डॉलर देने होंगे। दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में गिनी जाने वाली गीना के लिए यह एक बड़ी कानूनी हार है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गीना इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की तैयारी कर रही हैं।