केंद्र सरकार ने नियम लागू किया था कि रेस्टोरें और होटल सर्विस चार्ज नहीं लेंगे। लेकिन अब दिल्ली हाई कोर्ट ने इस आदेश पर स्टे लगा दिया है। इसका मतलब अभी लोग अगर रेस्टोरेंट में खाना खाने जा रहे हैं तो उन्हें सर्विस चार्ज देना होगा। 

बिजनेस डेस्कः रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद सर्विस चार्ज देना है या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। क्योंकि एक तरफ केंद्र सरकार ने सर्विस चार्ज लेने से रोक लगा दिया है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली हाई कोर्ट ने इस नियम को खारिज कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने रोक लगाने के बाद कहा कि अगर आपको सर्विस चार्ज नहीं देना तो आप रेस्टोरेंट नहीं जाएं। यह शुल्क वेटर और बैकएंड स्टाफ के लिए होता है। ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि आखिर कोर्ट में ऐसा क्या हुआ जो जजेस ने ऐसी बात कह दी। लेकिन ये बात पुख्ता है कि अब आपको होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज देना होगा।

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दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) और फेडरेशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सीसीपीए के दिशा निर्देशों को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सीसीपीए ने ही सर्विस चार्ज पर रोक लगाया था। याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने सुनवाई करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि आप अपना जवाब दाखिल कर दें। 

सीसीपीए ने जारी किया था आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा 4 जुलाई को लागू किए गए दिशा निर्देशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 25 नवंबर को होगी। जानकारी दें कि केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा था कि होटल या रेस्टोरेंट डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ेगा। सीसीपीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को होटल और रेस्टोरेंट को पालन करना होगा। गाइडलाइन में ये दिया गया था कि किसी अन्य नाम से भी शुल्क की वसूली नहीं की जाएगी। 

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