बीते घंटे के कारोबारी सत्र के दौरान Ethereum के दाम 4839.92 डॉलर के साथ ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए थे। मौजूदा समय में इसमें हल्की गिरावट देखने को मिल रही है।

बिजनेस डेस्‍क। देश ही नहीं दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी ( Cryptocurrency ) का मार्केट लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों की वैल्यूएशन को यह क्रिप्टोजकरेंसीज टक्कर दे रही हैं। बीते हफ्तों शि‍बा एनु इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला था। आज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोएकरेंसी इथेरियम ( Ethereum ) की बात करेंगे, जिसकी कीमत ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई है। खास बात तो ये है कि इसका मार्केट कैप दुनिया की बड़ी-बड़ी आर्थिक शक्तियों के पास मौजूद विदेशी मुद्रा भंडार ( Forex Reserve ) से भी ज्यादा है। जिसमें अमरीका, जर्मनी, यूनाइटिड किंगडम जैसे देश भी शामिल हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस क्रिप्टोयकरेंसी के किस तरह के आंकड़ें देखने को मिल रहे हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ऑल टाइम हाई पर पहुंचा इथेरियम
इथेरियम दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है। बीते 24 घंटे के कारोबार में इथेरियम के दाम ( Etherum Price ) 4839.92 डॉलर के साथ ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। जबकि मौजूदा समय में सुबह 10 बजे 2.27 फीसदी की गिरावट के साथ 4699.91 डॉलर के साथ कारोबार कर रहा है। बीते एक महीने में इथेरियम की कीमत में 35 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है। जबकि करीब एक हफ्ते के कारोबार में करीब 4 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। बीते एक साल में इथेरियम के दाम में 960 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। इसका मतलब यह है कि इस करेंसी ने निवेशकों को कमाई कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

550 अरब डॉलर के पार पहुंचा मार्केट मार्केट कैप
भले ही मौजूदा समय में इथेरियम की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिल रही हो, लेकिन इथेरियम का मार्केट 550 अरब डॉलर को पार कर गया है। बिटकॉइन के बाद इथेरियम का ही मार्केट कैप सबसे ज्यादा है। जानकारों की मानें तो आने वाले कुछ महीनों में इसका मार्केट कैप भी एक ट्रि‍लियन के पार पहुंचने के आसार हैं। इथेरियम के बाद एक्सआरपी और सोलाना ही ऐसी क्रिप्टोकरेंसीज हैं, जिनका मार्केट कैप 100 अरब डॉलर से ज्यादा है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इथेरियम के सामने कोई क्रिप्टोकरेंसी ठहरती नजर नहीं आ रही है।

यह भी पढ़ें :- इस ऑटो स्‍टॉक ने 20 साल में बनाया निवेशकों को करोड़पति, 10 हजार बन गए एक करोड़ से ज्‍यादा

अमरीका और यूके जैसे देश पीछे
अगर बात दुनियाभर के देशों के फॉरेक्स रिजर्व से इथेरियम के मार्केट कैप की तुलाना करें तो रूस के बाद ऐसा कोई देश नहीं है जिसके पास 550 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार यानी फॉरेक्स रिजर्व हो। इसका मतलब यह है कि इथेरियम का जितना मार्केट है, उससे ज्यादा फॉरेक्स रिजर्व चीन, जापान, स्विट्जरलैंड, भारत और रूस ही हैं। जबकि अमरीका, यूके, जर्मनी जैसी आर्थिक महाशक्तियों पास इतना फॉरेक्स रिजर्व यानी विदेशी मुद्रा भंडार नहीं है।

यह भी पढ़ें :- Elon Musk को हुआ मोटा नुकसान, एक दिन में 1.11 लाख करोड़ रुपए डूबे