गूगल पे के 'पॉकेट मनी' फीचर से बच्चे माता-पिता के अकाउंट से डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। पेरेंट्स मासिक खर्च की सीमा तय करके या हर पेमेंट को मंजूरी देकर बच्चों के खर्च को नियंत्रित कर सकते हैं।

नई दिल्ली: गूगल पे ने बच्चों को डिजिटल पेमेंट की दुनिया में सुरक्षित तरीके से लाने के लिए 'पॉकेट मनी' नाम का एक नया फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर से माता-पिता अपने बैंक अकाउंट से जोड़कर बच्चों को पैसे खर्च करने की सुविधा दे सकते हैं। इससे बच्चों को डिजिटल पॉकेट मनी देना आसान और सुरक्षित हो जाता है। हालांकि, वॉट्सऐप पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें इसे एक स्कैम बताया जा रहा है।

क्या है पॉकेट मनी फीचर?

यह फीचर 'UPI सर्कल' नाम के एक सिस्टम पर काम करता है। इसमें प्राइमरी यूजर (जैसे माता-पिता) अपने अकाउंट से किसी दूसरे व्यक्ति (जैसे बच्चे या घर के किसी सदस्य) को पेमेंट करने की इजाजत दे सकते हैं। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए बच्चे का अपना बैंक अकाउंट होना जरूरी नहीं है। पैसे सीधे माता-पिता के अकाउंट से कटते हैं। एक पैरेंट अपने अकाउंट से पांच सेकेंडरी यूजर्स को जोड़ सकता है, जैसे बच्चे, परिवार के सदस्य या कोई हेल्पर। बस बच्चे के पास एक स्मार्टफोन और गूगल पे ऐप होना चाहिए।

खर्च कंट्रोल करने के 2 तरीके

माता-पिता बच्चों के खर्च को कंट्रोल करने के लिए दो मोड चुन सकते हैं। पहला, महीने की लिमिट तय करना। इसमें 15,000 रुपये तक की मंथली लिमिट सेट की जा सकती है। इस लिमिट के अंदर बच्चा हर बार माता-पिता की इजाजत के बिना पेमेंट कर सकता है। यह एक तरह से प्रीपेड अलाउंस की तरह काम करता है। दूसरा ऑप्शन यह है कि बच्चा जब भी कोई पेमेंट करेगा, तो माता-पिता के फोन पर एक रिक्वेस्ट आएगी। जब माता-पिता उसे अप्रूव करेंगे, तभी पेमेंट होगा। बैंकिंग नियमों का पालन करने के लिए, माता-पिता को सेकेंडरी यूजर की जानकारी वेरिफाई करनी होगी। इसके लिए बच्चे के साथ संबंध बताने वाला कोई सरकारी पहचान पत्र देना होगा।