Adani Power Stock Split Impact: अडानी पावर के शेयर 22 सितंबर को 1:5 स्टॉक स्प्लिट के बाद चर्चा में आएं। इस शेयर ने 52 वीक का नया हाई छुआ है। दोपहर तक इसमें 19% से ज्यादा की तेजी आई है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे अपनी टॉप पिक लिस्ट में शामिल किया है। 

Adani Power Share: सोमवार, 22 सितंबर को अडानी पावर के शेयरों ने जोरदार उथल-पुथल मचाई। शेयरों की कीमत एक दिन में लगभग 80% गिरती हुई नजर आई, लेकिन यह गिरावट तकनीकी थी, क्योंकि स्टॉक 1:5 शेयर स्प्लिट के बाद एक्स-बोनस हुआ। सच्चाई यह है कि शेयर ने 19% से ज्याद की बढ़त दर्ज की और 52 वीक का नया हाई बनाया। जानिए इस शेयर के अचानक से चर्चा में आने की वजह और इस पर ब्रोकरेज की सलाह...

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

1:5 शेयर स्प्लिट का मतलब क्या है?

अडानी पावर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अगस्त में पहली बार 1:5 शेयर स्प्लिट को मंजूरी दी थी। जिसकी रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर 2025 यानी आज है। इसका मतलब है कि अगर आपके पास 100 रुपए के वैल्यू वाले 10 शेयर थे, तो अब आपके पास 50 शेयर होंगे और हर शेयर की कीमत 20 रुपए होगी। जबकि कुल निवेश की वैल्यू 1,000 रुपए पर बनी रहेगी।

शेयर स्प्लिट क्यों किया जाता है?

शेयर स्प्लिट का मकसद कंपनी के शेयर की लिक्विडिटी बढ़ाना और उन्हें ज्यादा निवेशकों के लिए आसान बनाना है। इससे नए निवेशकों को पोर्टफोलियो बढ़ाने का मौका मिलता है और शेयर में लॉन्ग टर्म के लिए अपसाइड पोटेंशियल बनता है।

अडानी पावर शेयर प्राइस कितनी है?

शेयर स्प्लिट के कारण कीमत में गिरावट ऑप्टिकल थी, असल में शेयर ने 19% से ज्यादा बढ़त दर्ज की। शेयर 170.20 रुपए का 52- वीक हाई लेवल छुआ। यह इजाफा बाजार में अडानी पावर की मजबूत प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट डिलीवरी और PPA जीत की उम्मीद से जुड़ी है। सोमवार दोपहर 12 बजे तक शेयर 19.94% तेजी के साथ 170.20 रुपए पर ट्रेड कर रहा है।

अडानी शेयर पर ब्रोकरेज की राय क्या है?

ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अडानी पावर पर ओवरवेट की रेटिंग दी है। कंपनी को भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में टर्नअराउंड का बेहतरीन उदाहरण बताया है। अडानी पावर को अपनी टॉप पिक लिस्ट में शामिल किया है। ब्रोकरेज का कहना है, 'APL मजबूत कमाई इजाफा देगा, प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने और मीडियम टर्म में अधिक PPA जीत के कारण ये ग्रोथ आएगी। साथ ही, SEBI ने गौतम अडानी और उनके ग्रुप पर अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए शेयर मैनिपुलेशन के आरोपों को क्लियर कर दिया।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है। इसमें दिए गए शेयर, टारगेट प्राइस और ब्रोकरेज कॉल निवेश की सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

इसे भी पढ़ें-5 बड़े स्टॉक्स पर ताजा अपडेट: अडानी, पेटीएम, इंडिगो का बुलिश ट्रैक, देखें टारगेट

इसे भी पढ़ें- बुलेट बने अडानी ग्रुप के शेयर, पावर से पोर्ट तक गदर काट रहे सभी 10 स्टॉक